बलरामपुर, 07 जुलाई । आज मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की त्रैमासिक बैठक सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में सांसद ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से समन्वय बनाकर पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की बात कही।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता के अनुसार विशेष रणनीति बनाकर उनकी पढ़ाई में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। साथ ही जाति और निवास प्रमाण पत्र समय-सीमा में जारी करने तथा नामांतरण, बंटवारा और अन्य लंबित राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर रेत की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा अवैध रेत परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने वर्षा ऋतु में मलेरिया, डायरिया, सर्पदंश, डॉग बाइट और अन्य मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और लोगों को समय पर जांच एवं उपचार के लिए जागरूक करने पर विशेष जोर दिया।
कृषि विभाग की समीक्षा में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना और उद्यानिकी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। सांसद ने किसानों को जैविक खेती, श्री विधि, सब्जी एवं लाभकारी फसलों की खेती, स्थानीय धान की पारंपरिक किस्मों के संरक्षण तथा मृदा परीक्षण आधारित खेती के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, खाद-बीज की उपलब्धता और एग्री स्टैक पंजीयन की भी समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन कराने पर जोर दिया।
बैठक में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बताया कि जिले में राजमिस्त्री, पशु सखी सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा आगामी समय में पर्यटन गाइड, कैटरिंग और हाउसकीपिंग जैसे रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण शुरू करने की योजना है। सांसद ने पर्यटन को स्थानीय रोजगार का बेहतर माध्यम बताते हुए युवाओं और स्व-सहायता समूहों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए।
सांसद ने वर्षा ऋतु को देखते हुए नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में नालियों की नियमित सफाई, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम-जनमन योजना और राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में आंगनबाड़ी भवनों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), वीबी जी रामजी योजना (पूर्व मनरेगा), राष्ट्रीय ग्रामीण स्वरोजगार अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री पोषण योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और प्रधानमंत्री जनधन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य कृष्णा गुप्ता, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी आलोक बाजपेई, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नयनतारा सिंह तोमर, समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।