नई दिल्ली, 07 जुलाई । पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयर बाजार के माध्यम से खुले बाजार में शेयर की पुनर्खरीद (बायबैक) की व्यवस्था को फिर से लागू करने के नियम अधिसूचित किए हैं। कंपनियां 1 अगस्त से ओपन मार्केट में अपने शेयर वापस खरीद सकेंगी। इस प्रक्रिया की समय-सीमा 66 कार्य-दिवस तय की गई है। नए नियमों के तहत कंपनियां पुनर्खरीद के लिए अलग से ‘पुनर्खरीद खिड़की’ के बिना नियमित कारोबार व्यवस्था के माध्यम से पुनर्खरीद कर सकेंगी।
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने एक जुलाई को जारी अधिसूचना में कहा कि शेयर बाजार के माध्यम से खुले बाजार में पुनर्खरीद कंपनी की चुकता पूंजी और मुक्त भंडार के 15 फीसदी से कम होगा। इसकी गणना कंपनी के एकल और समेकित दोनों वित्तीय विवरणों के आधार पर की जाएगी।’’ इस संबंध में सेबी के निदेशक मंडल ने जून में प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके अलावा शेयर बाजार के जरिए खुले बाजार में पुनर्खरीद की प्रक्रिया पेशकश खुलने की तारीख से 66 कार्य दिवस के भीतर पूरी करनी होगी। इससे पहले यह अवधि अधिकतम छह महीने तक हो सकती थी।
सेबी ने कहा कि पुनर्खरीद की पेशकश सार्वजनिक घोषणा की तारीख से चार कार्य दिवस के भीतर खुलेगी और पेशकश खुलने की तारीख से 66 कार्य दिवस के भीतर बंद होगी। सेबी ने दो पुनर्खरीद पेशकशों के बीच न्यूनतम अंतराल को पुनर्खरीद विनियमों के तहत अलग समय-सीमा बनाए रखने के बजाय कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुरूप कर दिया है।
सेबी ने 2025 में खुले बाजार के जरिए पुनर्खरीद की व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया था। नियामक ने उस समय शेयरधारकों के साथ असमान व्यवहार और कर संबंधी विकृतियों पर चिंता जताई थी, क्योंकि यह व्यवस्था चुनिंदा निवेशकों के पक्ष में मानी जाती थी।
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने एक जुलाई को जारी अधिसूचना में कहा कि शेयर बाजार के माध्यम से खुले बाजार में पुनर्खरीद कंपनी की चुकता पूंजी और मुक्त भंडार के 15 फीसदी से कम होगा। इसकी गणना कंपनी के एकल और समेकित दोनों वित्तीय विवरणों के आधार पर की जाएगी।’’ इस संबंध में सेबी के निदेशक मंडल ने जून में प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके अलावा शेयर बाजार के जरिए खुले बाजार में पुनर्खरीद की प्रक्रिया पेशकश खुलने की तारीख से 66 कार्य दिवस के भीतर पूरी करनी होगी। इससे पहले यह अवधि अधिकतम छह महीने तक हो सकती थी।
सेबी ने कहा कि पुनर्खरीद की पेशकश सार्वजनिक घोषणा की तारीख से चार कार्य दिवस के भीतर खुलेगी और पेशकश खुलने की तारीख से 66 कार्य दिवस के भीतर बंद होगी। सेबी ने दो पुनर्खरीद पेशकशों के बीच न्यूनतम अंतराल को पुनर्खरीद विनियमों के तहत अलग समय-सीमा बनाए रखने के बजाय कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुरूप कर दिया है।
सेबी ने 2025 में खुले बाजार के जरिए पुनर्खरीद की व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया था। नियामक ने उस समय शेयरधारकों के साथ असमान व्यवहार और कर संबंधी विकृतियों पर चिंता जताई थी, क्योंकि यह व्यवस्था चुनिंदा निवेशकों के पक्ष में मानी जाती थी।