हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। साल भर आने वाली सभी एकादशियों में परमा एकादशी को बेहद पुण्यदायी और फलदायी माना गया है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और नियमपूर्वक व्रत रखते हैं। व्रत के दौरान केवल सात्विक और फलाहारी भोजन का सेवन किया जाता है। घरों में प्याज, लहसुन और तामसिक खाद्य पदार्थों से पूरी तरह परहेज किया जाता है।
हालांकि कई बार व्रत के दौरान घर पर मेहमान आ जाते हैं या बच्चे कुछ स्वादिष्ट और अलग खाने की जिद करने लगते हैं। ऐसे में रोजाना बनने वाले साबूदाना खिचड़ी या कुट्टू की पूड़ी से हटकर कुछ नया बनाना चाहें तो फलाहारी पास्ता एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह स्वाद और सेहत दोनों का शानदार मेल है।
राजगिरा से बना पास्ता आजकल आसानी से उपलब्ध हो जाता है और व्रत में सेवन के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं। पनीर और बेसिल लीव्स के साथ तैयार किया गया यह पास्ता बच्चों को भी काफी पसंद आता है।
सबसे खास बात यह है कि इस रेसिपी को बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता। कम सामग्री में तैयार होने वाला यह फलाहारी पास्ता अचानक आए मेहमानों के लिए भी परफेक्ट डिश साबित हो सकता है। इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि व्रत न रखने वाले लोग भी इसे पसंद करते हैं।
अगर आप इस परमा एकादशी पर कुछ नया और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं तो यह फलाहारी पास्ता जरूर ट्राई करें। आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी।
फलाहारी पास्ता बनाने के लिए कुछ सामग्री ले लें। जैसे,