नई दिल्ली, 13 जून। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने कृषि जैव विविधता के संरक्षण और सतत उपयोग से जुड़े मामलों में विशेषज्ञ सलाह देने के लिए कृषि जैव विविधता विशेषज्ञ समिति का एक वर्ष के लिए पुनर्गठन किया है।
पर्यावरण मंत्रालय ने शनिवार को विज्ञप्ति जारी कर बताया कि समिति के अध्यक्ष के रूप में पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ पी एल गौतम को नियुक्त किया गया है। डॉ. गौतम पूर्व में राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण और पौध किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (पीपीवीएफआरए) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पीपीवीएफआरए के वर्तमान अध्यक्ष समिति के सह-अध्यक्ष होंगे।
एनबीए के अनुसार, वर्ष 2005 से कार्यरत यह समिति कृषि आनुवंशिक संसाधनों, बीजों के निर्यात, लाभ-साझाकरण (एबीएस), पारंपरिक पौध प्रजनन और जैविक संसाधनों से जुड़े अनुसंधान सहयोग जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव देती रही है। समिति की सिफारिशों ने जैव विविधता संरक्षण और कृषि अनुसंधान के बीच संतुलन बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
पुनर्गठित समिति में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, नेशनल इनोवेशन फ़ाउंडेशन और नलसार विधि विश्वविद्यालय सहित कई प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ और वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं।