प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम-वीबीआरवाई योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन राशि का वितरण किया, कहा कि भारत के युवा वैश्विक विकास को गति देंगे।
Posted on:
2026-06-20
प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम-वीबीआरवाई योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन राशि का वितरण किया, कहा कि भारत के युवा वैश्विक विकास को गति देंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत 2400 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन राशि का वितरण किया। यह वितरण पीएम-वीबीआरवाई के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो सरकार की रोजगार से जुड़ी प्रमुख प्रोत्साहन योजना है जिसका उद्देश्य रोजगार सृजन में तेजी लाना, रोजगार क्षमता बढ़ाना और सभी क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है।
इस प्रोत्साहन योजना से देशभर में 15 लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में अवसर उन्हीं देशों को मिलेंगे जो कुशल प्रतिभाओं का पोषण करेंगे, नवाचार को बढ़ावा देंगे और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को बनाए रखेंगे। उन्होंने कहा कि भारत इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। श्री मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत के युवा वैश्विक विकास, नवाचार और उद्यमिता को गति देने में अग्रणी होंगे।
श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य पहली बार रोजगार पाने वालों को सशक्त बनाना और युवाओं तथा उद्योग जगत के बीच सेतु का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं की आकांक्षाएं, कौशल और क्षमता ही विकसित भारत के मार्ग का निर्माण करती हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक लगभग 70 लाख रोजगार सृजित किए जा चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि लगभग 20 लाख युवा अपने नए रोजगार में छह महीने पूरे कर चुके हैं और इनमें से 10 लाख को योजना के लाभार्थियों के रूप में प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि लगभग 2,000 करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में जमा किए जा चुके हैं।
श्री मोदी ने यह भी कहा कि फ्रांस और स्लोवाकिया की अपनी हालिया यात्रा के दौरान उन्होंने महसूस किया कि दुनिया धीरे-धीरे भारत के युवाओं की क्षमता को पहचान रही है। 21वीं सदी में अवसर उन्हीं देशों को मिलेंगे जो कुशल प्रतिभाओं का पोषण करेंगे, नवाचार को बढ़ावा देंगे और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को बनाए रखेंगे। प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए उच्चतम गुणवत्ता मानकों को पूरा करने पर जोर दिया।
इस योजना के तहत, पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाता है, जिससे उन्हें कार्यबल में शामिल होने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी 3,000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन मिलता है, जिससे निरंतर रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलता है।
इससे पहले, प्रोत्साहन राशि के वितरण से पहले, प्रधानमंत्री ने विज्ञान भवन में कुछ युवाओं से बातचीत की। इस अवसर पर बोलते हुए, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि मोदी सरकार ने श्रमिकों के कल्याण और हित के लिए चार महत्वपूर्ण श्रम संहिताएं लागू की हैं।