राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज आंध्र प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर विजयवाड़ा पहुंचेंगी। वे कल राष्ट्रीय सारस मेला 2026 का उद्घाटन करेंगी।
राष्ट्रपति आज शाम विजयवाड़ा के श्री कनक दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। कल वे विजयवाड़ा में राष्ट्रीय सारस मेला 2026 का उद्घाटन करेंगी। यह मेला केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। तीस से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वयं सहायता समूहों की पंद्रह सौ से अधिक महिला सदस्य इस मेले में भाग ले रही हैं। सारस मेला 2026 महिला उद्यमियों को अपने पारंपरिक शिल्पों का प्रदर्शन करने, व्यापक बाजारों तक पहुंचने और अपने उत्पादों को देश भर के ग्राहकों को बेचने में मदद करता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज आंध्र प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर विजयवाड़ा पहुंचेंगी। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सारस मेला 2026 का उद्घाटन करना और महिला स्वयं सहायता समूहों के कार्यों को प्रोत्साहित करना है। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर विजयवाड़ा में तैयारियां की जा रही हैं। अपने दौरे के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शाम को प्रसिद्ध श्री कनक दुर्गा मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगी। यह मंदिर आंध्र प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और मां दुर्गा के भक्तों के बीच विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद राष्ट्रपति अपने निर्धारित कार्यक्रमों में भाग लेंगी। दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति विजयवाड़ा में राष्ट्रीय सारस मेला 2026 का औपचारिक उद्घाटन करेंगी। इस मेले का आयोजन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय सारस मेला ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने कौशल और प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। इस वर्ष मेले में देश के तीस से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी पंद्रह सौ से अधिक महिला सदस्य हिस्सा ले रही हैं। मेले में महिलाएं अपने पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों, कपड़ों, घरेलू उपयोग की वस्तुओं तथा क्षेत्रीय कलाओं का प्रदर्शन करेंगी। इसके माध्यम से विभिन्न राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कारीगरी को भी प्रोत्साहन मिलेगा। सारस मेला महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने, नए खरीदारों से संपर्क स्थापित करने और अपने व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर देता है। इसके साथ ही उन्हें देशभर के बाजारों तक पहुंच बनाने और अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने में मदद मिलती है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं छोटे व्यवसाय शुरू करने, अपनी आय बढ़ाने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे आयोजनों से महिलाओं में आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा मिलता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की इस मेले में भागीदारी महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को विशेष महत्व प्रदान करेगी। राष्ट्रीय सारस मेला 2026 न केवल महिला उद्यमियों के लिए व्यापार और विपणन का अवसर है, बल्कि यह देश के विभिन्न क्षेत्रों की कला, संस्कृति और ग्रामीण प्रतिभा को एक मंच पर लाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।