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भारत की प्रतिभा और फिनलैंड की नवाचार क्षमता मिलकर रच सकती है नई सफलता की कहानी : किविकोस्की

Posted on: 2026-10-05
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भारत की प्रतिभा और फिनलैंड की नवाचार क्षमता मिलकर रच सकती है नई सफलता की कहानी : किविकोस्की

भारत और फिनलैंड के बीच संबंध इस साल काफी समृद्ध हुए हैं। भारत में फिनलैंड के राजदूत मिक्को किविकोस्की ने बात करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच इस साल गतिविधियां रिकॉर्ड स्तर पर रही हैं और राजनीतिक संपर्क से लेकर व्यापार, नवाचार और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। उनके मुताबिक, ‘फिनलैंड के पास इनोवेशन की ताकत है तो भारत के पास टैलेंट की कमी नहीं है, इसलिए दोनों अगर साथ मिलकर काम करेंगे तो कमाल तय है।’

भारत-फिनलैंड संबंधों पर बात करते हुए राजदूत किविकोस्की ने कहा, “दोनों देशों के बीच बेहतरीन संबंध हैं और इस वर्ष द्विपक्षीय गतिविधियों के लिहाज से अब तक का सबसे व्यस्त दौर देखने को मिला है। फिनलैंड के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों ने इस साल भारत का दौरा किया। इसके अलावा ओस्लो में भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें भारत की भागीदारी रही। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य मंत्री ने भी फिनलैंड का दौरा किया। ये सुदृढ़ होते रिश्तों का संकेत हैं।”

हाल ही में गुजरात के गांधीनगर में आयोजित वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ” यह फोरम भारत और फिनलैंड की सरकारों का संयुक्त प्रयास था और इसने दोनों देशों के बीच पर्यावरण तथा टिकाऊ विकास के क्षेत्र में सहयोग को सामने लाया।” भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर राजदूत ने उम्मीद जताई कि इसके लिए हस्ताक्षर साल के अंत तक हो सकते हैं। उन्होंने कहा, “समझौते पर हस्ताक्षर के बाद इसे भारत सरकार और यूरोपीय संघ की ओर से अनुमोदित किया जाना होगा।”

किविकोस्की के अनुसार, इस प्रक्रिया में कुछ महीने लग सकते हैं और उम्मीद है कि समझौता अगले साल किसी समय लागू हो सकेगा। भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करने में यह समझौता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के मुद्दे पर भारत के रुख के बारे में पूछे जाने पर फिनलैंड के राजदूत ने भारतीय रवैए की तारीफ की। उन्होंने कहा, “बिल्कुल, यही एकमात्र रास्ता है। इसके लिए बातचीत के जरिए समाधान होना जरूरी है।”

किविकोस्की ने कहा, “फिनलैंड इस समय भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों को काफी महत्व देता है। संघर्ष के समाधान के लिए कूटनीतिक और बातचीत के रास्ते को आगे बढ़ाने में भारत की भूमिका को फिनलैंड सकारात्मक रूप से देखता है।” एआई से लेकर इनोवेशन में दोनों देश संभावनाओं को लेकर आश्वस्त हैं। भारत और फिनलैंड के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रक्षा, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर राजदूत ने “दोनों देशों की अलग-अलग क्षमताओं को एक-दूसरे का पूरक” बताया।

उन्होंने कहा, “फिनलैंड आकार में भले ही छोटा देश है, लेकिन नवाचार और समाधान विकसित करने के मामले में उसकी क्षमता काफी बड़ी है। दूसरी ओर भारत के पास व्यापक प्रतिभा और विशाल मानव संसाधन हैं। जब हम अपनी ताकतों को मिला कर आगे बढ़ेंगे, तो हम मिलकर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।” राजदूत के मुताबिक, यही भारत और फिनलैंड की साझेदारी की खासियत है। एक तरफ फिनलैंड की तकनीकी विशेषज्ञता और नवाचार की क्षमता है, तो दूसरी तरफ भारत का बड़ा बाजार, प्रतिभाशाली युवा और व्यापक तकनीकी आधार है।

दोनों देशों के बीच बढ़ते संपर्क से आने वाले समय में एआई, स्वच्छ तकनीक, सर्कुलर इकोनॉमी, शिक्षा और रक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।भारत और फिनलैंड के बीच संबंध को केवल राजनीतिक तौर पर ही सीमित नहीं बताया, बल्कि माना कि दोनों देश ऐसे क्षेत्रों में भी साथ काम कर रहे हैं जिनका सीधा असर भविष्य की अर्थव्यवस्था, तकनीक और समाज पर पड़ सकता है।

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