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छत्तीसगढ़ के चारों प्रमुख जलाशय लबालब, गंगरेल के सभी 14 गेट खुले

Posted on: 2026-09-26
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छत्तीसगढ़ के चारों प्रमुख जलाशय लबालब, गंगरेल के सभी 14 गेट खुले

गरियाबंद   छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नालों और जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ गई है। गरियाबंद से लेकर धमतरी तक प्रमुख जलाशयों का जलस्तर काफी ऊपर पहुंच गया है। गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं, जबकि सिकासार जलाशय के भी सभी 12 गेट 3-3 फीट तक खोले गए हैं। लगातार पानी छोड़े जाने से महानदी समेत कई नदी तंत्रों में जलस्तर बढ़ने लगा है और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

गंगरेल के सभी 14 गेट खुले, महानदी में बढ़ी निकासी
धमतरी जिले के गंगरेल जलाशय में जलभराव 100 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद जल प्रबंधन और सुरक्षा के मद्देनजर सभी 14 रेडियल गेट खोल दिए गए। 25 सितंबर की सुबह बांध में करीब 64,117 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई थी। बाद में बढ़ती आवक को देखते हुए पानी की निकासी में भी वृद्धि की गई। एक बाद की रिपोर्ट में महानदी में करीब 2.06 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार कैचमेंट क्षेत्र से भारी आवक के बीच निकासी करीब 2.5 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। इसके चलते महानदी के तटीय और निचले इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाई है।

सिकासार के सभी 12 गेट खुले
गरियाबंद के सिकासार जलाशय में भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। 25 सितंबर की स्थिति में जलाशय में 179.28 मिलियन घन मीटर पानी संग्रहित था, जबकि इसकी कुल क्षमता 198.82 मिलियन घन मीटर है। जलाशय का जलस्तर 1330 फीट और जलभराव 89.32 प्रतिशत दर्ज किया गया।

बढ़ती आवक को देखते हुए सिकासार के सभी 12 गेट 3 फीट तक खोल दिए गए हैं। जलाशय में करीब 34 हजार क्यूसेक पानी की आवक के मुकाबले लगभग 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

मुरुमसिल्ली 100%, दुधावा 97% से ज्यादा भरा

अन्य प्रमुख जलाशयों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। 25 सितंबर सुबह की स्थिति के अनुसार:

गंगरेल: 99.01% जलभराव
मुरुमसिल्ली: 100% जलभराव
दुधावा: 97.36% जलभराव
सोंढूर: 89.42% जलभराव

मुरुमसिल्ली से करीब 7,558 क्यूसेक, दुधावा से 16,762 क्यूसेक और सोंढूर से करीब 42,570 क्यूसेक पानी नदी तंत्रों की ओर छोड़ा जा रहा था।

नदी-नालों के साथ कई रास्तों पर बढ़ा खतरा
लगातार बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी-नालों में जलस्तर बढ़ गया है। कई निचले इलाकों में जलभराव और रास्तों पर पानी आने से आवागमन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। 25 सितंबर को धमतरी जिले में भारी बारिश के बाद कई पुल-पुलियों और रपटों पर पानी आने से संपर्क प्रभावित होने की भी रिपोर्ट सामने आई।

प्रशासन की लोगों से अपील
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले, रपटों, पुल-पुलियों और जलाशयों के आसपास जाने से बचने की अपील की है। तेज बहाव वाले पानी में उतरने से मना किया गया है। बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को भी नदी-नालों से दूर रखने की सलाह दी गई है।

जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने और पुल-पुलियों के ऊपर पानी बहने की स्थिति में उसे पार नहीं करने की अपील की गई है। निचले और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

लगातार बारिश ने बढ़ाई चिंता
एक साथ कई प्रमुख जलाशयों के लगभग भर जाने और भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी तथा उससे जुड़े नदी तंत्रों पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में प्रशासन और जल संसाधन विभाग जलस्तर तथा पानी की आवक-जावक पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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