कमिश्नर क्षत्रिय ने दिए बारिश के मद्देनजर जलभराव एवं निर्माण कार्यों पर विशेष निगरानी के निर्देश
Posted on:
2026-08-17
कमिश्नर क्षत्रिय ने दिए बारिश के मद्देनजर जलभराव एवं निर्माण कार्यों पर विशेष निगरानी के निर्देश
बलरामपुर, 17 अगस्त। बलरामपुर जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की अध्यक्षता में आज सोमवार को समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों के साथ जनदर्शन, जन चौपाल, जन शिकायत, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और पीजी पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की स्थिति की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे और शिकायतों का निराकरण केवल कागजों या पोर्टल तक सीमित न रहे।
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण की विभागवार स्थिति देखी गई। कलेक्टर ने कहा कि किसी शिकायत को पोर्टल पर निराकृत दिखाना ही पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता को वास्तव में राहत मिली है या नहीं, इसकी पुष्टि भी की जाए। जरूरत पड़ने पर अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर समस्या की जांच करें और उसका स्थायी समाधान करें।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विभाग से एक जैसी शिकायतें बार-बार सामने आ रही हैं तो उसके पीछे के कारणों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाए। कम प्रदर्शन वाले विभागों को आगामी समीक्षा तक अपनी स्थिति बेहतर करने के निर्देश दिए गए।जन चौपाल, जन शिकायत और पीजी पोर्टल पर लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी लंबित प्रकरणों पर नियमित निगरानी रखने और निर्धारित समय में उनका निराकरण करने को कहा।
बैठक में माय भारत पोर्टल पर 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के पंजीयन की प्रगति भी देखी गई। कलेक्टर ने 20 अगस्त तक अधिक से अधिक युवाओं को पोर्टल से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि वे विभिन्न युवा गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों में भाग ले सकें। एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की तैयारियों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने सर्वे कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से सर्वे की नियमित निगरानी करने और कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा।
टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों से स्वयं निक्षय मित्र बनने और अन्य लोगों को भी टीबी मरीजों के उपचार एवं पोषण सहयोग के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने स्कूल-कॉलेजों सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और युवाओं को अभियान से जोड़ने पर जोर दिया। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों और छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार उपलब्ध कराने, आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन और पोषण आहार की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। छात्रावासों में भोजन, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और रहवास की व्यवस्था बेहतर रखने के लिए नियमित निरीक्षण करने को कहा गया।
कलेक्टर ने सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फाइलों के संचालन, पत्राचार और अनुमोदन की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होने पर काम में तेजी के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। सभी विभागों को ई-ऑफिस का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जनगणना से जुड़े प्रशिक्षण और प्रश्नावली संबंधी कार्यों की जानकारी ली गई। प्रशिक्षित कर्मचारियों के माध्यम से निर्धारित कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सुग्घर छत्तीसगढ़ अभियान और विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, चेतन बोरघरिया, प्रमोद गुप्ता, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।