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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिले में 2 लाख 46 हजार से अधिक बच्चों को खिलाई जा रही एल्बेंडाजोल की गोली

Posted on: 2026-08-10
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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिले में 2 लाख 46 हजार से अधिक बच्चों को खिलाई जा रही एल्बेंडाजोल की गोली

गरियाबंद, 10 अगस्त 2026

जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेन्डाजॉल खिलाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अमले, मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में बच्चों को दवा का सेवन कराया जा रहा है। जिले में कुल 2 लाख 46 हजार 315 बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
कलेक्टर श्री बी.एस. उइके के निर्देशन पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एस. नवरत्न के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का जिला स्तरीय शुभारंभ ग्राम पंचायत मालगांव में किया गया। इस दौरान जनपद अध्यक्ष श्री भीम सिंह निषाद, जनपद उपाध्यक्ष श्री लेखराम साहू एवं ग्राम पंचायत सरपंच श्री लखेन्द्र धु्रव ने बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर राष्ट्रिय कृमि मुक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि निर्धारित आयु के अनुसार बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा दी जा रही है। 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली पीसकर तथा 2 से 3 वर्ष तक के बच्चों को एक गोली पीसकर खिलाई जा रही है। वहीं 3 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को 400 मिलीग्राम की एक गोली चबाकर खिलाई जा रही है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी. बारा ने बताया कि बच्चों में कृमि संक्रमण होने से शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का पर्याप्त अवशोषण नहीं हो पाता है। इसके कारण खून की कमी, कुपोषण एवं शारीरिक विकास में बाधा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। कुछ प्रकार के कृमि आंतों में पोषक तत्वों के साथ-साथ विटामिन-ए के अवशोषण को भी प्रभावित करते हैं। नियमित रूप से कृमिनाशक दवा का सेवन बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि एल्बेंडाजोल की दवा कृमि संक्रमण की रोकथाम के साथ-साथ एनीमिया एवं कुपोषण नियंत्रण में भी सहायक है। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक, सरपंच, बीईई, सुपरवाइजर, एएनएम, सीएचओ, मितानिन सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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