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सहरसा में मिड-डे मील से फिर बिगड़ी बच्चों की तबीयत, भोजन में सांप का हिस्सा मिलने का आरोप

Posted on: 2026-05-08
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सहरसा, 08 मई । बिहार के सहरसा जिले में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) को लेकर लगातार दूसरे दिन बड़ा मामला सामने आया है। महिषी प्रखंड के एक सरकारी स्कूल में गुरुवार को करीब 250 बच्चों के बीमार पड़ने की घटना के बाद शुक्रवार को सौरबाजार प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय मुरचा में मिड-डे मील खाने के बाद एक दर्जन से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों और अभिभावकों ने भोजन में सांप का कांटा और शरीर का हिस्सा मिलने का आरोप लगाया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सौरबाजार थाना क्षेत्र की सहुरिया पंचायत स्थित कन्या मध्य विद्यालय मुरचा में मध्याह्न भोजन खाने के कुछ ही देर बाद कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और घबराहट की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शिक्षकों और अभिभावकों की मदद से बच्चों को तत्काल सौरबाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

बच्चों और उनके परिजनों का आरोप है कि मिड-डे मील में जहरीले सांप का कांटा और शरीर का कुछ हिस्सा मिला था। इससे पहले गुरुवार को महिषी प्रखंड के मध्य विद्यालय बलुआहा में भी भोजन में किसी मृत जीव या सांप के बच्चे जैसी संदिग्ध वस्तु मिलने की बात सामने आई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि संदिग्ध भोजन खाने के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ी।

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गए और स्कूल प्रशासन तथा भोजन आपूर्ति व्यवस्था के खिलाफ जमकर हंगामा किया। हालात तनावपूर्ण होते देख पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।

बलुआहा स्कूल में मिड-डे मील की आपूर्ति एक एनजीओ के माध्यम से की जाती है, जो पहले से तैयार भोजन उपलब्ध कराता है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन ने भोजन के नमूनों की जांच कराने की बात कही है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

इस मामले पर सहरसा के सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने बताया कि कन्या मध्य विद्यालय मुरचा में मिड-डे मील खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली है और सभी का स्थानीय पीएचसी में इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं।

उन्होंने गुरुवार की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मध्य विद्यालय बलुआहा में फूड प्वाइजनिंग की शिकायत सामने आई थी। सभी बच्चों का उपचार कर दिया गया है और अधिकांश को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। जिन बच्चों की हालत अधिक गंभीर थी, उन्हें सहरसा सदर अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन अब वे भी खतरे से बाहर हैं।

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