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ठंड के मौसम में शकरकंद खाने के फायदे
Posted on:
2026-05-08
शकरकंद
में
मौजूद
पोषक
तत्व
एक
सफ़ेद
आलू
के
मुकाबले
शकरकंद
में
फाइबर
,
विटामिन
और
खनिजों
की
मात्रा
कहीं
ज्यादा
होती
है
,
आमतौर
पर
200
ग्राम
शकरकंद
में
निम्नलिखित
पोषक
तत्व
होते
है
:
शकरकंद खाने के फायदे
शकरकंद
में
मौजूद
फाइबर
,
विटामिन
,
मिनरल्स
और
एंटीऑक्सीडेंट
के
कारण
दुनियाभर
में
इसे
एक
सुपरफूड
की
तरह
देखा
जाता
है
,
जो
शरीर
को
अंदर
से
मजबूत
बनाने
में
मदद
करता
करते
हैं
.
आइये
जानते
हैं
शकरकंद
खाने
के
कुछ
प्रमुख
लाभ
1.
इम्युनिटी
बढ़ाने
में
मदद
करता
है
अगर
आप
अक्सर
थकान
महसूस
करते
हैं
या
मौसम
बदलते
ही
बीमार
पड़
जाते
हैं
,
तो
शकरकंद
आपकी
इम्युनिटी
को
बढ़ाने
में
मदद
करता
है
.
खासतौर
पर
नारंगी
रंग
के
शकरकंद
में
बीटा
-
कैरोटीन
अच्छी
मात्रा
में
होता
है
,
जिसे
शरीर
विटामिन
A
में
बदलता
है
.
यह
विटामिन
इम्यून
सिस्टम
के
लिए
ज़रूरी
होता
है
.
इसके
अलावा
इसमें
मौजूद
विटामिन
C
और
एंटीऑक्सीडेंट्स
शरीर
की
कोशिकाओं
को
नुकसान
से
बचाते
हैं
,
जिससे
इम्युनिटी
बेहतर
बनी
रहती
है
.
2.
ब्लड
शुगर
को
कंट्रोल
करता
है
हल्का
मीठा
होने
के
बावजूद
,
शकरकंद
का
ग्लाइसेमिक
इंडेक्स
कम
होता
है
,
यानी
यह
ब्लड
में
शुगर
को
धीरे
-
धीरे
बढ़ाता
है
.
साथ
की
इसमें
मौजूद
फाइबर
शुगर
के
अवशोषण
को
धीमा
करता
है
,
जिससे
अचानक
शुगर
स्पाइक
होने
का
खतरा
कम
हो
जाता
है
.
इसमें
पाए
जाने
वाला
रेसिस्टेंट
स्टार्च
इंसुलिन
रेज़िस्टेंस
को
कम
करने
और
पाचन
सुधाने
में
भी
मदद
करता
है
.
3.
पाचन
में
सहायक
शकरकंद
में
मौजूद
डाइटरी
फाइबर
पाचन
तंत्र
के
लिए
बहुत
अच्छा
माना
जाता
है
.
यह
आंतों
में
मौजूद
अच्छे
बैक्टीरिया
को
बढ़ावा
देता
है
और
प्रीबायोटिक
की
तरह
काम
करता
है
.
इसका
नियमित
सेवन
करने
से
कब्ज़
,
गैस
और
पेट
सम्बन्धी
दूसरी
समस्याओं
से
राहत
मिल
सकती
है
.
.
कैंसर
से
बचाव
में
सहायक
शकरकंद
में
पाए
जाने
वाले
एंटीऑक्सीडेंट्स
शरीर
को
हानिकारक
तत्वों
से
बचाने
में
मदद
करते
हैं
.
खासकर
बैंगनी
रंग
के
शकरकंद
,
अध्ययनों
से
पता
चलता
है
कि
इसमें
मौजूद
एंथोसाइनिन
नामक
तत्व
कुछ
प्रकार
की
कैंसर
कोशिकाओं
को
बढ़ने
से
रोकने
में
सहायक
होता
है
.
5.
दिल
को
स्वस्थ
रखता
है
शकरकंद
दिल
के
लिए
भी
फायदेमंद
माना
जाता
है
,
इसमें
मौजूद
पोटैशियम
ब्लड
प्रेशर
को
कंट्रोल
करता
है
,
हाई
फाइबर
खराब
कोलेस्ट्रॉल
(
LDL)
को
कम
करने
में
सहायक
होता
है
और
एंटीऑक्सीडेंट्स
शरीर
में
inflammation
को
कम
करता
है
.
6.
रोग
प्रतिरोधक
क्षमता
को
मज़बूत
करता
है
शकरकंद
में
कई
तरह
के
फाइटो
केमिकल्स
पाए
जाते
हैं
जैसे
की
कैरोटीनॉयड्स
,
विटामिन
E,
फ्लेवोनॉइड्स
,
टैनिन
और
एंथोसाइनिन
.
ये
तत्व
शरीर
में
Inflammation
को
कम
करते
हैं
और
संक्रमण
व्
बीमारियों
से
लड़ने
में
मदद
करते
हैं
.
7.
मस्तिष्क
को
तेज
करता
है
शकरकंद
में
कोलीन
नामक
तत्व
होता
है
,
जो
याददाश्त
और
मूड
को
बेहतर
बनाए
रखने
में
मदद
करता
है
.
इसमें
मौजूद
एंटीऑक्सीडेंट्स
दिमाग
को
ऑक्सीडेटिव
तनाव
(Oxidative Damage)
से
बचाने
में
सहायक
हो
सकते
हैं
.
साथ
ही
पोटैशियम
और
मैंगनीज
जैसे
मिनरल्स
दिमाग
तक
खून
के
बहाव
को
बेहतर
करने
में
मदद
करते
हैं
,
जिससे
एकाग्रता
बनी
रहती
है
.
8.
मांसपेशियों
को
मजबूत
बनाता
है
अगर
मामूली
कसरत
करने
पर
ही
आपको
शरीर
में
थकान
महसूस
होने
लगती
है
,
तो
शकरकंद
खाना
आपके
लिए
फायदेमंद
हो
सकता
है
.
इसके
कॉम्प्लेक्स
कार्बोहाइड्रेट्स
मांसपेशियों
को
दोबारा
ऊर्जा
देने
में
मदद
करते
हैं
,
व
मैग्नीशियम
और
पोटैशियम
मॉंसपेशियों
में
होने
वाले
दर्द
को
कम
करने
में
सहायक
होते
हैं
.
.
वजन
कंट्रोल
करने
में
सहायक
जो
लोग
वजन
कम
करना
या
कंट्रोल
में
रखना
चाहते
हैं
,
उनके
लिए
शकरकंद
एक
अच्छा
विकल्प
हो
सकता
है
.
इसमें
फाइबर
और
धीरे
-
धीरे
पचने
वाले
कार्ब्स
होते
हैं
,
जो
पेट
को
लंबे
समय
तक
भरा
रखते
हैं
.
जिससे
आपको
लम्बे
समय
तक
भूख
नहीं
लगती
और
बार
-
बार
खाने
की
इच्छा
नहीं
होती
और
आपका
वजन
अपने
आप
कम
होने
लगता
है
.
शकरकंद
खाने
के
कुछ
नुकसान
वैसे
तो
शकरकंद
स्वास्थ्य
के
लिए
अच्छी
मानी
जाती
है
लेकिन
यह
सबके
लिए
उपयोगी
नहीं
है
,
साथ
ही
अधिक
मात्रा
में
इसे
खाने
से
सेहत
को
कई
नुकसान
भी
हो
सकते
हैं
,
जैसे
:
डायबिटीज
के
मरीज़ों
को
इसका
परहेज
करना
चाहिए
शकरकंद
में
प्राकृतिक
मिठास
होती
है
,
जो
अधिक
मात्रा
में
खाने
से
शरीर
में
शुगर
का
स्तर
बढ़ा
सकती
है
,
खासतौर
पर
डायबिटीज
से
ग्रसित
लोगों
में
.
इसीलिए
,
जिन
लोगों
का
शुगर
अधिक
रहता
है
या
डायबिटीज
से
पीड़ित
है
उन्हें
इसका
सेवन
डॉक्टर
की
सलाह
पर
ही
लेना
चाहिए
.
किडनी
से
जुड़ी
समस्याएँ
बढ़
सकती
है
शकरकंद
में
पोटैशियम
की
मात्रा
काफी
ज्यादा
होती
है
,
तो
जिन
लोगों
को
किडनी
सम्बन्धी
बीमारियां
है
,
उन्हें
शकरकंद
से
परहेज़
करना
चाहिए
,
खराब
किडनी
शरीर
से
अतिरिक्त
पोटैशियम
बाहर
नहीं
निकाल
पाती
,
जिससे
उसका
स्तर
खतरनाक
रूप
से
बढ़
सकता
है
.
विटामिन
A
की
अधिकता
शकरकंद
में
बीटा
-
कैरोटीन
होता
है
,
जो
शरीर
में
जाकर
विटामिन
A
में
बदलता
है
.
अगर
इसे
बहुत
ज़्यादा
मात्रा
में
खाया
जाए
,
तो
शरीर
में
विटामिन
A
जमा
होने
लगता
है
,
जिसे
हाइपरविटामिनोसिस
A
कहा
जाता
है
.
इसके
कारण
त्वचा
और
नाखूनों
का
रंग
कभी
-
कभी
हल्का
नारंगी
दिखने
लग
सकता
है
.
वजन
घटाने
में
बाधा
अधिक
मात्रा
में
खाने
से
वजन
घटने
की
जगह
बढ़ने
लगता
है
.
शकरकंद
कार्बोहाइड्रेट
से
भरपूर
होता
है
,
इसलिए
जो
लोग
लो
-
कार्ब
या
वेट
लॉस
डाइट
फॉलो
कर
रहे
हैं
,
उन्हें
इसे
सीमित
मात्रा
में
ही
लेना
चाहिए
.
पर
इसका
मतलब
ये
नहीं
है
कि
आपको
इसका
सेवन
बिलकुल
नहीं
करना
चाहिए
.
शकरकंद
अपने
आप
में
पौष्टिक
और
सेहत
के
लिए
फायदेमंद
होता
है
.
बस
ज़रूरत
है
संतुलन
की
,
अगर
सही
मात्रा
में
खाया
जाए
,
तो
यह
शरीर
को
नुकसान
नहीं
बल्कि
फायदा
ही
पहुँचाता
है
.
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