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नीरज चौहान ने एशियाई खेल 2026 में रिकर्व पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।

Posted on: 2026-10-03
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नीरज चौहान ने एशियाई खेल 2026 में रिकर्व पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।

एशियाई खेलों में, भारतीय तीरंदाज नीरज चौहान ने आज जापान के नागोया में पुरुषों के व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में अपने हमवतन धीरज बोम्मादेवरा को 6-4 से हराकर कांस्य पदक जीता। नीरज एशियाई खेलों में व्यक्तिगत रिकर्व में पदक जीतने वाले तरुंदीप राय के बाद दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले, शीर्ष वरीयता प्राप्त धीरज पहले सेमीफाइनल में पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता ली वू सेओक से 3-7 से हार गए, जबकि नीरज को सेमीफाइनल में जापानी तीरंदाज जुन्या नाकानिशी ने 1-7 से मात दी। धीरज ने क्वार्टरफाइनल में उज्बेकिस्तान के अमीरखोन सादिकोव को हराया था, जबकि नीरज भूटान के लाम दोरजी को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचे थे

एशियाई खेलों में भारतीय तीरंदाजी के लिए आज का दिन गौरवपूर्ण रहा। जापान के नागोया में खेले गए पुरुषों के व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में भारतीय तीरंदाज नीरज चौहान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। कांस्य पदक के मुकाबले में नीरज का सामना उनके ही हमवतन और शीर्ष वरीयता प्राप्त धीरज बोम्मादेवरा से हुआ। बेहद रोमांचक मुकाबले में नीरज ने धीरज को 6-4 से हराकर पदक पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ नीरज ने एशियाई खेलों के व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में भारत के लिए एक खास उपलब्धि हासिल की है। वह इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए हैं। उनसे पहले तरुंदीप राय ने व्यक्तिगत रिकर्व में भारत को पदक दिलाया था।

कांस्य पदक के मुकाबले तक पहुंचने के लिए दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। धीरज बोम्मादेवरा ने क्वार्टरफाइनल में उज्बेकिस्तान के अमीरखोन सादिकोव को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता दक्षिण कोरियाई तीरंदाज ली वू सेओक की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। धीरज ने मुकाबले में संघर्ष किया, लेकिन वह 3-7 से हार गए और स्वर्ण पदक की दौड़ से बाहर हो गए।

दूसरी ओर, नीरज चौहान ने भी अपने अभियान में दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में भूटान के लाम दोरजी को मात देकर अंतिम चार में प्रवेश किया था। सेमीफाइनल में उनका सामना जापान के जुन्या नाकानिशी से हुआ। घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच नाकानिशी ने बेहतरीन निशानेबाजी करते हुए नीरज को 7-1 से हराया। इसके बाद नीरज के सामने कांस्य पदक जीतने का आखिरी मौका था और उन्होंने इसे हाथ से जाने नहीं दिया।

कांस्य पदक के मुकाबले में नीरज और धीरज के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी, लेकिन नीरज ने महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतर संयम और सटीकता का प्रदर्शन किया। अंततः उन्होंने 6-4 से जीत दर्ज कर कांस्य पदक हासिल किया। यह जीत न केवल नीरज के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय तीरंदाजी के लिए भी महत्वपूर्ण है। एशियाई खेलों जैसे बड़े मंच पर व्यक्तिगत रिकर्व में पदक जीतना भारतीय तीरंदाजी की मजबूत होती स्थिति को दर्शाता है। नीरज की इस उपलब्धि से देश को गर्व हुआ है और आने वाली पीढ़ी के तीरंदाजों के लिए भी यह प्रदर्शन प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

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