रायपुर 24 सितंबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता का उदाहरण गंगालूर में देखने को मिला, जहां ग्रामीणों को एक ही स्थान पर जांच, उपचार और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। गंगालूर बाजार में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 159 लोगों की ओपीडी, 114 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग और 151 एक्स-रे जांच की गई। साथ ही मलेरिया एवं एनसीडी स्क्रीनिंग, आयुष्मान कार्ड, जेनेरिक दवाओं, टीकाकरण और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी ग्रामीणों को मिला।
आयोजित शिविर में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ के तहत महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की जांच एवं उपचार के साथ 89 लोगों की एनसीडी स्क्रीनिंग, 12 महिलाओं की जांच और 4 मलेरिया पीएफ पॉजिटिव मामलों की पहचान की गई। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के स्टॉल पर जेनेरिक दवाओं की जानकारी देते हुए आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। वहीं टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 114 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग और 151 एक्स-रे जांच कर संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच एवं उपचार से जोड़ा गया। शिविर में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ध्यान दिया गया। गर्भवती महिलाओं की जांच एवं पंजीयन किया गया, जबकि बच्चों को पेंटा और एमआर के टीके लगाए गए।
अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाली मितानिनों को सरपंच की उपस्थिति में श्रीफल एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
गंगालूर का यह शिविर सेवा संकल्प की उस भावना को रेखांकित करता है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को केवल स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें लोगों के करीब ले जाने पर जोर है। जांच से लेकर उपचार, दवा, टीबी की पहचान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर ग्रामीणों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया।