अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) ने पुष्टि की है
कि बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में प्रभावित डेटा सेंटरों से कुछ ग्राहकों का डेटा अब हमेशा
के लिए खो गया है। कंपनी ने बताया कि युद्ध के दौरान हुए नुकसान के कारण कुछ डेटा
और संसाधनों तक दोबारा पहुंच बहाल नहीं की जा सकी। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान से जुड़े हमलों में AWS के मध्य-पूर्व
स्थित कुछ डेटा सेंटर प्रभावित हुए थे। कई महीनों तक रिकवरी की कोशिशों के बाद
कंपनी ने माना कि कुछ डेटा को वापस लाना संभव नहीं हो पाया।
AWS के अनुसार, UAE क्षेत्र के एक Availability Zone में मौजूद कुछ
डेटा रिकवर नहीं हो सका। वहीं, बहरीन क्षेत्र में कई Availability
Zones प्रभावित हुए, जिसके कारण वहां मौजूद कुछ संसाधनों तक पहुंच बहाल नहीं की जा
सकी। कंपनी ने कहा कि नुकसान इतना व्यापक था कि उसकी सामान्य मल्टी-ज़ोन सुरक्षा
व्यवस्था भी इसे संभाल नहीं पाई। क्लाउड सुरक्षा पर उठे सवाल AWS जैसी क्लाउड
कंपनियां आमतौर पर डेटा की सुरक्षा के लिए कई स्तरों की बैकअप और रिडंडेंसी
व्यवस्था रखती हैं। लेकिन इस मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि युद्ध जैसी
असाधारण परिस्थितियों में बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कितने सुरक्षित रह सकते हैं।
भविष्य के लिए नई सुरक्षा रणनीति इस घटना के बाद मध्य-पूर्व
में डेटा सेंटर सुरक्षा को लेकर नई रणनीतियों पर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ
कंपनियां अब ज्यादा सुरक्षित और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर ध्यान दे रही
हैं। AWS ने कहा है कि वह
प्रभावित ग्राहकों के साथ काम कर रहा है और क्षेत्र में अपनी सेवाओं को लेकर आगे
की योजनाओं पर काम जारी रखेगा।