केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज मंगोलिया के उलानबटार में ‘मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए जारी संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन’-यू.एन.सी.सी.डी. के ‘कॉन्फ्रेंस ऑफ़ द पार्टीज़’-सी.ओ.पी के 17वें सत्र से इतर दक्षिण एशियाई देशों के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रियों के साथ कई उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें कीं। यह सम्मेलन जलवायु और वन्यजीव संरक्षण तथा पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली पर क्षेत्रीय सहयोग को प्राथमिकता देता है।
सोशल मीडिया पोस्ट में, केंद्रीय मंत्री ने भूटान के कृषि और पशुपालन मंत्री ल्योनपो योंटेन फुंटशो के साथ हुई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि चर्चा मुख्य रूप से कृषि-वानिकी, जलवायु-अनुकूल कृषि और जैव विविधता संरक्षण व इकोसिस्टम बहाली के लिए सीमा-पार सहयोग को आगे बढ़ाने पर केंद्रित थी।
श्री यादव ने श्रीलंका के पर्यावरण मंत्री डम्मिका पताबेंडी से भी मुलाकात की और हाथियों की आबादी को बचाने, क्षमता निर्माण का विस्तार करने और जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने व उससे निपटने की रणनीतियों पर द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने जैसे अहम पर्यावरणीय मुद्दों पर चर्चा की।
दो हफ़्ते तक चलने वाले इस सम्मेलन में प्रतिभागी उच्च-स्तरीय सत्रों में हिस्सा लेंगे, जिनमें मंत्रियों के बीच बातचीत के साथ-साथ कई हितधारकों के फ़ोरम और विज्ञान-नीति के तालमेल, नवाचार और समाधान, औजार और प्रौद्योगिकी तथा वित्त पोषण जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
औपचारिक बातचीत के अलावा, उम्मीद है कि चरागाहों, मुश्किल हालात का सामना करने की क्षमता और पानी, साथ ही खाद्य व्यवस्था और मिट्टी की गुणवत्ता पर सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा देगा।