दिल्ली में बारिश से मौसम सुहावना, मुसीबतों का भी करना पड़ रहा सामना
Posted on:
2026-08-11
दिल्ली में बारिश से मौसम सुहावना, मुसीबतों का भी करना पड़ रहा सामना
नई दिल्ली, 11 अगस्त। श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआा है। कुछ दिनों से लगातार हो रही रिमझिम और मध्यम बारिश ने दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से राहत तो दिलाई है तो दूसरी ओर आम जनता की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
आज सुबह से जारी हल्की बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी दिनों में भी हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने का अनुमान जताया है। आईएमडी के अनुसार राजधानी में लगातार बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम तो सुहावना हो गया है।
लगातार हो रही बारिश के कारण राजधानी और आसपास के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़कों पर जलभराव होने से पैदल चलने वालों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष असर दिल्ली-एनसीआर की यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। बारिश शुरू होते ही प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर गाड़ियों की रफ्तार थम जाती है।
दफ्तर से घर लौटने वाले कर्मचारियों को जहां सामान्य दिनों में 1-2 घंटे का समय लगता था, वहीं अब जलभराव और ट्रैफिक जाम के कारण उन्हें 3-4 घंटे का लंबा और थकाऊ सफर तय करना पड़ रहा है। आईटीओ, धौलाकुआं, आश्रम, गुड़गांव-दिल्ली एक्सप्रेस-वे और गाजियाबाद को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें आम दृश्य बन चुकी हैं।
लोगों को ट्रैफिक जाम के अलावा, सार्वजनिक परिवहन के साधनों की भारी किल्लत का भी सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान कैब और ऑटो मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही ऐप-आधारित कैब एग्रीगेटर्स द्वारा की जाने वाली \'सरचार्ज\' या \'डायनामिक प्राइसिंग\' के कारण यात्रियों से दोगुना तक किराया वसूला जा रहा है।
किराए में बढ़ोतरी के कारण आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इस पूरी स्थिति के कारण दैनिक यात्रियों को मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली-एनसीआर में मानसून और श्रावण मास के दौरान जलभराव तथा ट्रैफिक जाम की समस्या नई नहीं है। हर बार थोड़ी सी बारिश में ही शहर की जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है।