बांग्लादेश सरकार की मीडिया को चेतावनी, हसीना का भाषण छपा या प्रसारित हुआ तो कार्रवाई होगी
Posted on:
2026-08-04
बांग्लादेश सरकार की मीडिया को चेतावनी, हसीना का भाषण छपा या प्रसारित हुआ तो कार्रवाई होगी
ढाका, 04 अगस्त। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सूचना एवं प्रसारण सलाहकार डॉ. जाहिद उर रहमान ने कहा कि सरकार किसी भी ऐसे मीडिया संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, जो अदालत के आदेश का उल्लंघन करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भाषणों को प्रकाशित या प्रसारित करेगा।
उन्होंने सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन में आज कहा, \"सरकार इस संबंध में पहले ही मीडिया के लिए सलाह जारी कर चुकी है। अगर कोई मीडिया संस्थान पहले से यह घोषणा करता है कि शेख हसीना भाषण देंगी और फिर उसे प्रकाशित या प्रसारित करता है, तो यह अदालत के आदेश की अवहेलना मानी जाएगी।\"
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि सरकार सभी मीडिया संस्थानों को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने के लिए फिर से याद दिला रही है। सलाहकार ने इस बात पर जो दिया कि अदालत के निर्देशों का पालन करना हर व्यक्ति और संस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, \"सरकार की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि अदालत के फैसलों को लागू किया जाए।\" अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करते हुए सलाहकार ने कहा कि अगर अदालत का आदेश नहीं होता तो वह हसीना के भाषणों के प्रसारण पर रोक लगाने का समर्थन नहीं करते।
डॉ. जाहिद उर रहमान ने कहा, \"अगर कोई अदालत के आदेश से असहमत है, तो उसे सक्षम अदालत में चुनौती देने का अधिकार है, लेकिन जब तक आदेश लागू है, सभी को इसका पालन करना होगा।\" इस सवाल के जवाब में कि सरकार को पूर्व पुलिस महानिरीक्षक बेनजीर अहमद की जमानत के बारे में दो-तीन दिन बाद क्यों पता चला, जाहिद ने कहा कि वह तुरंत कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सकते।
एक अन्य सवाल के जवाब में कि क्या प्रशासन और अन्य संस्थाओं में पिछली सरकार का प्रभाव अभी भी बना हुआ है? सलाहकार ने कहा कि शेख हसीना की सरकार का पतन और 5 अगस्त को उनका देश छोड़कर जाना बांग्लादेश के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्ष के दौरान प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर काम करने वाले सभी अधिकारियों को रातों-रात बदलना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, \"पिछली सरकार से जुड़े कई लोग अभी भी प्रशासन सहित विभिन्न संस्थाओं में काम कर रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ हटाना संभव नहीं है। इस प्रक्रिया में समय लगता है।\"
महत्वपूर्ण है कि शेख हसीना के नई दिल्ली में होने वाले संभावित वर्चुअल संबोधन को लेकर ढाका ने भारत से स्पष्टीकरण मांगा है। नई दिल्ली में पांच अगस्त को फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया के आयोजित एक कार्यक्रम में हसीना के शामिल होने की चर्चा है। ढाका ने भारतीय उच्चायुक्त के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और कहा है कि भारतीय जमीन से राजनीतिक गतिविधियों या संबोधन से दोनों देशों के संबंधों की सकारात्मक गति प्रभावित हो सकती है। भारतीय पक्ष ने स्थिति पर सतर्क रहने और मामले की जांच करने का भरोसा दिया है।