नई दिल्ली, 25 जुलाई उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि स्वस्थ बहस लोकतंत्र को मजबूत करती है जबकि रचनात्मक सहयोग देश को आगे बढ़ाता है।
उपराष्ट्रपति आज राज्यसभा के नवनिर्वाचित और मनोनीत सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय ओरिएंटेशन-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
सदस्यों के विजन और जिम्मेदारियों को रेखांकित करते उपराष्ट्रपति ने कहा कि बहस, चर्चा या यहां तक कि व्यवधान का भी नतीजा हमेशा किसी फैसले के रूप में निकलना चाहिए। सदन में बिताया गया हर दिन, हर घंटा, हर मिनट और हर सेकंड लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
सभापति ने सदस्यों से आग्रह किया कि वे जानकारीपूर्ण बहस, सदन के नियमों और प्रक्रियाओं का सम्मान करके तथा प्रश्नकाल और शून्यकाल का प्रभावी ढंग से उपयोग करके सदन की सर्वोच्च परंपराओं को बनाए रखें।
इस मौके पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।