जगदलपुर : डायल-112 कर्मियों को आपातकालीन उपकरणों के संचालन का दिया गया प्रशिक्षण
Posted on:
2026-07-21
जगदलपुर, 21 जुलाई। डायल-112 से जुड़े जिला बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए 20 एवं 21 जुलाई को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। शौर्य भवन लालबाग बस्तर में आयोजित इस प्रशिक्षण में कुल 150 अधिकारी-कर्मचारियों को आपातकालीन वाहनों में स्थापित आधुनिक उपकरणों के संचालन और कार्य प्रणाली की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में सी-डैक के मास्टर ट्रेनर विकास तिवारी एवं गोविंदा (विजन प्लस) ने प्रतिभागियों को पीएफटी, मोबाइल, पीटीजेड कैमरा, डैश कैमरा सहित अन्य तकनीकी उपकरणों के व्यवहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि, डायल-112 एकीकृत आपातकालीन सेवा है, जिसके माध्यम से पुलिस, एंबुलेंस और अग्निशमन सेवाएं एक ही नंबर पर उपलब्ध कराई जाती हैं। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक 112 डायल कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यशाला में घटनास्थल तक शीघ्र पहुंचने, रिस्पांस टाइम कम करने, जीपीएस आधारित लोकेशन ट्रैकिंग तथा आम नागरिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान आपातकालीन वाहनों में लगे पीटीजेड कैमरों एवं अन्य तकनीकी उपकरणों की नियमित जांच, संचालन और रखरखाव संबंधी आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
प्रशिक्षण में जिला बस्तर से उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) संतोष जैन, उप पुलिस अधीक्षक (साइबर) अमित देवांगन, रक्षित निरीक्षक यातायात मधुसूदन नाग, डीसीसी बस्तर से प्रभारी निरीक्षक सूरित सारथी, उप निरीक्षक हंस कुमार ठाकुर , सहायक उप निरीक्षक (दूरसंचार) मनोज कुमार भोई, सहायक उप निरीक्षक (एम टी) महबूब खान, जिला बीजापुर से उप पुलिस अधीक्षक शरद जायसवाल, डीसीसी प्रभारी उप निरीक्षक विद्याभूषण भारद्वाज, दंतेवाड़ा से डीसीसी प्रभारी उप निरीक्षक किशोर कुमार जोशी, डीसीसी प्रभारी निरीक्षक आशीष वासनिक एवं ईआरवी, थाना, चौकी, रक्षित केंद्र, यातायात शाखा, वाहन शाखा तथा हाईवे पेट्रोलिंग स्टाफ ने भाग लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, प्रशिक्षण का उद्देश्य डायल-112 से जुड़े कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर आम नागरिकों को अधिक प्रभावी एवं निर्बाध आपातकालीन सेवा उपलब्ध कराना है।