IMG-LOGO

गरियाबंद : कलेक्टर श्री उइके की अध्यक्षता में पर्यटन समिति की बैठक संपन्न

Posted on: 2026-07-15
IMG
गरियाबंद : कलेक्टर श्री उइके की अध्यक्षता में पर्यटन समिति की बैठक संपन्न

गरियाबंद, 15 जुलाई 2026

कलेक्टर श्री बीएस उइके ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला पर्यटन समिति की बैठक लेकर जिले में पर्यटन विकास की संभावनाओं एवं पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से मानसून के दौरान जिले के प्राकृतिक जलप्रपातों एवं धार्मिक स्थलों पर बढ़ने वाले पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विकास तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में कलेक्टर श्री उइके ने कहा कि गरियाबंद जिला प्राकृतिक सौंदर्य एवं धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध है। जिले के जलप्रपात एवं प्राकृतिक स्थल मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने इन स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, पार्किंग, संकेतक बोर्ड तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
उन्होंने जतमई एवं घटारानी जैसे प्रमुख धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। साथ ही कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने देवधारा, बोतलधारा, चिंगरापगार, कोयबा रिसॉर्ट, चौकसिल देवस्थल, सनराइज प्वाइंट, गोड़ेना जलप्रपात, ओड़ क्षेत्र के कारीपगार जलप्रपात, बनियाधस तथा बुढ़ाराजा जलप्रपात सहित अन्य प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
बैठक में इन स्थलों पर पहाड़ी ट्रैकिंग, कैंपिंग, मड हाउस, ट्री हाउस तथा अन्य प्रकृति-आधारित पर्यटन गतिविधियों की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने पर्यटन विभाग के नियमानुसार जिले के सभी होटल एवं आवासीय प्रतिष्ठानों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटक ऑनलाइन माध्यम से भी बुकिंग की सुविधा प्राप्त कर सकें। कलेक्टर ने बताया कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में फ्लाइंग स्क्विरल्स (उड़न गिलहरी) एवं हॉर्नबिल सफारी जैसी विशेष प्राकृतिक पर्यटन गतिविधियां संचालित हैं, जिन्हें पर्यटन की दृष्टि से और अधिक विकसित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने मानसून के दौरान जलप्रपातों एवं नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने खतरनाक स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, बैरिकेडिंग करने, आवश्यकतानुसार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती तथा पर्यटकों को लगातार जागरूक करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं पर्यटन संस्थान के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
 

Tags: