प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार से इंडोनेशिया की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पहुंचेंगे। 6 से 8 जुलाई तक प्रस्तावित इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करना और व्यापक रणनीतिक साझेदारी (कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप) को और मजबूत करना है। मई 2018 में भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिए जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली द्विपक्षीय इंडोनेशिया यात्रा होगी।
आसियान क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इंडोनेशिया आसियान क्षेत्र में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा है। पिछले दो दशकों में दोनों देशों के बीच व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2005-06 में जहां द्विपक्षीय व्यापार 4.3 अरब अमेरिकी डॉलर था, वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 38.84 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि, 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 28.15 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया।
भारत का निर्यात 5.38 अरब डॉलर, आयात 22.78 अरब डॉलर
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में भारत ने इंडोनेशिया को 5.38 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया, जबकि इंडोनेशिया से 22.78 अरब अमेरिकी डॉलर का आयात किया। इस तरह दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 28.15 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
कोयला और पाम ऑयल का प्रमुख आयातक है भारत
भारत इंडोनेशिया से कोयला खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है, जबकि इंडोनेशियाई कच्चे पाम ऑयल का सबसे बड़ा आयातक है। इसके अलावा भारत इंडोनेशिया से खनिज, रबर, पल्प एवं पेपर तथा हाइड्रोकार्बन का भी आयात करता है। वहीं भारत इंडोनेशिया को रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद, वाणिज्यिक वाहन, दूरसंचार उपकरण, कृषि उत्पाद, गोवंशीय मांस, इस्पात उत्पाद और प्लास्टिक का निर्यात करता है।
हाल के वर्षों में व्यापार का प्रदर्शन
वाणिज्य विभाग के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार 2020-21 में 17.49 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो 2021-22 में बढ़कर 26.17 अरब अमेरिकी डॉलर और 2022-23 में 38.84 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। इसके बाद 2023-24 में यह 29.40 अरब अमेरिकी डॉलर और 2024-25 में 28.15 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। वहीं अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के दौरान ही दोनों देशों के बीच व्यापार 22.72 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।
निवेश संबंधों में भी बढ़ोतरी
इंडोनेशियाई अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2000 से 2024 के बीच भारतीय कंपनियों ने इंडोनेशिया में 7,292 परियोजनाओं के जरिए 1.56 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है। वहीं उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के अनुसार, जनवरी 2000 से सितंबर 2025 तक भारत में इंडोनेशिया का संचयी निवेश 668.37 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
करीब 100 भारतीय कंपनियां कर रही हैं कारोबार
वर्तमान में इंडोनेशिया में लगभग 100 भारतीय कंपनियां और संयुक्त उद्यम विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।
पर्यटन और हवाई संपर्क में भी तेजी
दोनों देशों के बीच पर्यटन और हवाई संपर्क में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बढ़ती मांग को देखते हुए एयर इंडिया ने दिल्ली-बाली मार्ग पर अपनी उड़ानों की संख्या सप्ताह में सात से बढ़ाकर 10 कर दी है। फिलहाल भारत और इंडोनेशिया के बीच चार सीधी हवाई सेवाएं संचालित हैं, जिनमें जकार्ता-मुंबई, बाली-बेंगलुरु, बाली-मुंबई और बाली-दिल्ली मार्ग शामिल हैं। हालांकि, जकार्ता और दिल्ली के बीच अभी तक कोई सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं है।
इंडोनेशिया जाने वाले पर्यटकों में भारत प्रमुख देशों में शामिल
वर्ष 2023 में ऑस्ट्रेलिया के बाद बाली आने वाले पर्यटकों में भारत दूसरा सबसे बड़ा स्रोत देश रहा। वहीं 2024 में 7.1 लाख भारतीय पर्यटकों के साथ भारत इंडोनेशिया आने वाले विदेशी पर्यटकों का पांचवां सबसे बड़ा स्रोत देश रहा। इस सूची में मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और चीन भारत से आगे रहे।