नशे के खिलाफ रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आदतन तस्कर मुकेश उर्फ 'मुकेश बनिया' की 42 लाख रुपये की संपत्तियां फ्रीज
Posted on:
2026-06-30
नशे के खिलाफ रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आदतन तस्कर मुकेश उर्फ 'मुकेश बनिया' की 42 लाख रुपये की संपत्तियां फ्रीज
रायपुर, 30 जून । रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे \"सूखे नशे के विरुद्ध अभियान\" के तहत मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है।
इसी कड़ी में थाना सिटी कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आदतन एनडीपीएस आरोपित मुकेश उर्फ \"मुकेश बनिया\" की करीब 42 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों पर मुंबई स्थित सफिमा के सक्षम प्राधिकारी ने फ्रीजिंग ऑर्डर की पुष्टि कर दी है। इससे पहले सेंट्रल जोन में रवि साहू की संपत्तियों पर भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जा चुकी है।
पुलिस के अनुसार अभियान के तहत केवल मादक पदार्थों की बरामदगी और आरोपितों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों की वित्तीय जांच कर उनके आर्थिक नेटवर्क को भी ध्वस्त किया जा रहा है।
थाना सिटी कोतवाली पुलिस की वित्तीय जांच में सामने आया कि मुकेश उर्फ \"मुकेश बनिया\" और उससे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद लगभग 42 लाख रुपये की संपत्तियां संदिग्ध हैं। जांच के आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ(1) के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे सफिमा के सक्षम प्राधिकारी, मुंबई ने परीक्षण के बाद मंजूरी दे दी।
पुलिस के मुताबिक, मुकेश बनिया रायपुर में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार का आदतन आरोपित है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या, बलवा, मारपीट और गुंडागर्दी सहित 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 26 फरवरी 2026 को थाना सिटी कोतवाली और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में उसे गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान उसके कब्जे से 6.119 किलोग्राम गांजा, एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 2400 अल्प्राजोलम की नशीली गोलियां और अन्य सामग्री बरामद की गई थी। इससे पहले पुलिस ने उसके द्वारा संचालित आधुनिक तकनीक से लैस गांजा हाइडआउट का भी खुलासा किया था।
पुलिस ने उसके आर्थिक नेटवर्क की विस्तृत जांच शुरू की, जिसमें एक आवासीय मकान और तीन वाहनों के मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदे जाने की आशंका सामने आई।
सक्षम प्राधिकारी द्वारा फ्रीजिंग ऑर्डर की पुष्टि होने के बाद अब संबंधित संपत्तियों को बिना अनुमति बेचना, हस्तांतरित करना, गिरवी रखना या किसी भी प्रकार से उपयोग करना संभव नहीं होगा।
पुलिस ने बताया कि, अब संबंधित पक्षों को इन संपत्तियों के वैध आय स्रोत के संबंध में सक्षम प्राधिकारी के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। यदि वैध स्रोत साबित नहीं होता है, तो नियमानुसार संपत्तियों को स्थायी रूप से शासन के पक्ष में जब्त (फॉरफीचर) करने की कार्रवाई की जाएगी।
एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में इस प्रकरण की वित्तीय जांच, दस्तावेजों का संकलन, राजस्व एवं परिवहन अभिलेखों का परीक्षण, प्रस्ताव तैयार करने तथा सफिमा के समक्ष समन्वय की जिम्मेदारी निरीक्षक सतीश सिंह गहरवार ने निभाई। इसी प्रक्रिया के बाद मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकारी ने फ्रीजिंग ऑर्डर को अंतिम रूप से कन्फर्म किया।
रायपुर पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह कठोर, सतत और बहुआयामी तरीके से जारी रहेगी।