कलेक्टर श्री बीएस उइके की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए कक्षा 10वीं और कक्षा 12 वीं वार्षिक परीक्षा परिणाम का विश्लेषण तथा सत्र 2026-27 शाला संचालन के लिए बैठक ली गई। कलेक्टर ने जिले के उत्कृष्ट बोर्ड परीक्षा परिणामों के लिए शिक्षा विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों समर्पण, निरंतर प्रयास एवं विद्यालय स्तर पर की गई प्रभावी शैक्षणिक गतिविधियों के कारण इस वर्ष कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 84.16 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं का परिणाम 92.89 प्रतिशत रहा है। गरियाबंद जिला बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। यह उपलब्धि सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। अब हमारा लक्ष्य केवल अच्छे परिणाम प्राप्त करना नहीं, बल्कि इस उत्कृष्टता को निरंतर बनाए रखना है। इसके लिए आप सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
कलेक्टर श्री उइके ने कहा कि कहा कि शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होते ही शिक्षक इस बात का ध्यान रखें की स्कूल नियमित समय पर खुलंे। कोई भी बच्चा स्कूल से ड्रॉप-आउट न हो इसका विशेष ध्यान रखें। बच्चों को पढ़ाना शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने वीएसके एप में सभी स्कूलों का पंजीयन सुनिश्चित करने साथ ही विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की नियमित उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपस्थिति संबंधी जानकारी की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी उसके आधार पर ही शिक्षकों का वेतन भुगतान किया जाएगा। विद्यालय संचालन शासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग के नियमों के अनुरूप किया जाए। सभी बीईओ, बीआरसी एवं प्राचार्य सुनिश्चित करें कि विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण अनुशासित एवं गुणवत्तापूर्ण बना रहे। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। कोई भी बच्चा अनावश्यक रूप से अनुपस्थित न रहे तथा विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित हो, इसके लिए अभिभावकों एवं नागरिकों के साथ समन्वय बनाएं।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्थिति में जर्जर भवनों में बच्चों को न बैठाएं। यदि किसी विद्यालय में अति जर्जर भवन है, तो उसकी सूचना तत्काल विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी को दें। जिन विद्यालयों में नए भवन निर्माण कार्य चल रहे हैं अथवा भवन संबंधी अन्य समस्याएँ हैं, उनकी जानकारी भी समय पर संबंधित अधिकारियों को दें। जर्जर भवन पर विद्यार्थियों को न बैठाएं। संबंधित अधिकारी अपने उत्तरदायित्वों का प्रभावी निर्वहन करें। संकुल अंतर्गत विद्यालयों का नियमित निरीक्षण एवं भ्रमण करें तथा शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की सतत समीक्षा करें। मध्यान्ह भोजन गुणवतापूर्ण हो इसका ध्यान रखें। सभी बच्चों का अपार आई डी एवं जाति निवास प्रमाण पत्र, छात्रवृति निर्धारित समय सीमा में पूर्ण हो।
आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी अभी से प्रारंभ करें। कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए विशेष अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था करें। सभी बच्चों को निर्धारित समय सीमा पाठ्य-पुस्तक व गणवेश उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्कूलों को साफ-सुथरा रखने एवं स्वच्छ रखने, जल संरक्षण के लिए स्कूल के मैदान किनारें, सोख्ता गढ्डा बनाने, पौधा रोपण करने, स्कूलों में बच्चों को स्वस्थ वातावरण, स्वस्थ आचरण, संस्कार के बारे में भी सिखाएं।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर ने कहा कि शिक्षकों की मेहनत और समर्पण के कारण पिछले शैक्षणिक सत्र में जिले का परीक्षा परिणाम काफी बेहतर रहा है। उन्होंने सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए आगामी सत्र में भी इसी प्रकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में निर्धारित पाठ्यक्रम एवं ब्लू प्रिंट के अनुरूप विद्यार्थियों की नियमित तैयारी सुनिश्चित करें। इसके लिए विद्यालयों में साप्ताहिक, मासिक, त्रैमासिक, अर्द्धवार्षिक परीक्षा आयोजित करें, ताकि विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का सतत मूल्यांकन हो सके और उनकी कमजोरियों को समय रहते दूर किया जा सके। श्री चंद्राकर ने कहा कि यदि प्रत्येक विद्यार्थी विषयवार एवं पाठ्यक्रम के अनुरूप नियमित अध्ययन और तैयारी करेगा, तो निश्चित रूप से बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को विकसित करने तथा उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को शुरू से ही जेईई, नीट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी कराएं जिससे प्रतियोगी परीक्षा में भी विद्यार्थियों का रिजल्ट बेहतर आ सके। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गौरव गरियाबंद अभियान 3.0 लांच किया गया। जिसका उद्देश्य बेहतर परीक्षा परिणाम लाने और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने तथा बोर्ड के साथ-साथ कक्षा 9वीं एवं 11वीं में भी बेहतर परिणाम लाना है। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश चंद्राकर, डीएमसी श्री शिवेश शुक्ला, गौरव गरियाबंद के नोडल अधिकारी श्री श्याम चंद्राकर, साक्षर भारत के श्री बुद्धविलास सिंह सहित समस्त बीईओ, बीआरसी, प्राचार्य गण उपस्थित थे।