गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत दहीगांव में जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत करोड़ों रुपये की पेयजल परियोजना दो वर्षों से ठप पड़ी है। यहां तीन साल पहले पानी टंकी का निर्माण तो शुरू हुआ था, लेकिन ठेकेदार अपनी राजनीतिक पहुंच का धौंस दिखाकर दो साल से काम को आधा-अधूरा छोड़ लापता हो गया है। ग्रामीण नदी, झिरिया का पानी उपयोग में लाने को मजबूर हैं।
गांव में पाइपलाइन विस्तार और चबूतरा निर्माण का काम बीच में ही रोक दिया गया है। ठेकेदार ने जगह-जगह मुख्य रास्तों पर गड्ढे खोदकर छोड़ दिए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। इस भीषण गर्मी में गांव का जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिसके कारण आधे से अधिक हैंडपंपों से पानी आना बंद हो गया है। नल-जल योजना का लाभ न मिलने के कारण ग्रामीण सूखी तेल नदी में झरियाकुंड (छोटा गड्ढा) बनाकर दूषित पानी पीने और उसे छानकर इस्तेमाल करने को मजबूर हैं।