मई-जून की चिलचिलाती धूप : और भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेजुबान पौधों पर भी बुरी तरह पड़ता है। तेज गर्म हवाओं और पानी की कमी के कारण अक्सर इस मौसम में हरे-भरे पौधे भी सूखने या झुलसने लगते हैं। कई बार लोग समझ नहीं पाते कि इस मौसम में पौधों की देखभाल कैसे करें और अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे पौधा पूरी तरह मर जाता है। गार्डनिंग एक्सपर्ट्स ने इस चिलचिलाती गर्मी से पौधों को सुरक्षित रखने और उन्हें दोबारा हरा-भरा बनाने के लिए 6 बेहद आसान और मुफ्त के देसी जुगाड़ बताए हैं। इन उपायों को अपनाकर आप बिना पैसे खर्च किए अपने होम गार्डन को सूखने से बचा सकते हैं। तो चलिए इन्हें इस्तेमाल करने का सही तरीका जानते हैं।
ग्रीन नेट या कपड़े का जुगाड़तेज धूप से पौधे को बचाने के लिए छांव वाली जगह पर शिफ्ट कर दें। अगर आपके पास पौधों को हटाने की जगह नहीं है, तो गार्डन के ऊपर \'ग्रीन नेट\' लगाएं। अगर आप पैसे खर्च नहीं करना चाहते, तो घर में रखी किसी पुरानी सूती साड़ी, धोती या पतली चादर की मदद से पौधों के ऊपर छांव कर दें। यह मुफ्त का जुगाड़ पौधों को सीधी धूप से बचाएगा। वेस्ट कार्डबोर्ड से करें मल्चिंग मल्चिंग एक ऐसी तकनीक है जिससे गमले की मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है और पानी तुरंत भाप बनकर नहीं उड़ता। इसके लिए बाजार से कुछ खरीदने की जरूरत नहीं है। आपके घर में सामान के साथ आने वाले जो खाली कार्डबोर्ड होते हैं, उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
अब इन टुकड़ों को गमले की मिट्टी के ऊपर चारों तरफ अच्छी तरह बिछा दें। इसके बाद ऊपर से पानी डाल दें। यह कार्डबोर्ड सूरज की गर्मी को सीधे मिट्टी तक नहीं पहुंचने देगा और मिट्टी में ठंडक बनी रहेगी। शाम के समय करें मिस्टिंग रोज शाम को सूरज ढलने के बाद पौधों की पत्तियों और तनों पर पानी का अच्छे से छिड़काव करें। इसके लिए आप किसी स्प्रे बोतल का इस्तेमाल कर सकते हैं या पाइप के आगे उंगली दबाकर फव्वारा बना सकते हैं। शाम को मिस्टिंग करने से पौधों के आसपास का तापमान कम हो जाता है, उन्हें जरूरी नमी मिलती है और वे रात भर की ठंडक में दोबारा फ्रेश हो जाते हैं।
भारी फर्टिलाइजर देने से बचें कई लोग सोचते हैं कि पौधा सूख रहा है तो उसमें ज्यादा खाद डाल देनी चाहिए, जो कि सबसे बड़ी गलती है। इस भीषण गर्मी में पौधों को किसी भी तरह का हैवी फर्टिलाइजर बिल्कुल न दें। गर्मी के कारण पौधे पहले से ही तनाव में होते हैं, ऐसे में भारी खाद देने से उनकी जड़ें जल सकती हैं। इस मौसम में आप चाहें तो केवल ठंडी खाद जैसे- गोबर की खाद को पानी में भिगोकर उसका लिक्विड रूप बहुत कम मात्रा में दे सकते हैं।
न करें रिपोटिंग और प्रूनिंग गर्मी के महीनों में पौधों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ भारी पड़ सकती है। इस समय पौधों की रिपोटिंग बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे उनकी जड़ें हवा के संपर्क में आकर तुरंत सूख जाती हैं। इसके साथ ही, पौधों की कटाई-छंटाई भी पूरी तरह बंद कर दें। पौधों को अपनी बची हुई ऊर्जा को सुरक्षित रखने दें, नई कटिंग करने से उन पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ेगा। सूखते पौधे को फेंकने की जल्दबाजी न करें अगर तेज गर्मी के कारण आपके किसी पौधे की सारी पत्तियां गिर गई हैं या वह ऊपर से सूखा हुआ नजर आ रहा है, तो उसे मरा हुआ मानकर गमले से उखाड़ने की जल्दबाजी बिल्कुल न करें। अक्सर पौधे अत्यधिक गर्मी में \'डॉर्मेंसी\' यानी सुप्तावस्था में चले जाते हैं ताकि खुद को बचा सकें। ऐसे पौधे की सूखी पत्तियों को हटा दें, उसे छांव में रखें और हल्का पानी देते रहें। मानसून में वह दोबारा हरा-भरा हो सकता है।