नई दिल्ली, 18 मई। देश में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और औद्योगिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विधानसभा चुनाव से पहले महंगाई से जुड़े फैसलों को छिपाकर रखा और चुनाव खत्म होते ही ईंधन एवं गैस की कीमतें बढ़ा दीं।
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि यदि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ा दी जातीं, तो इसका राजनीतिक नुकसान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को उठाना पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने चुनाव तक इन मुद्दों को जनता से छिपाकर रखा, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई।
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र पर दूरदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को आवश्यक वस्तुएं खरीदने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को देशभर में जोरदार तरीके से उठाएगी।
वीडियो में पत्रकारों से बातचीत करते हुए खरगे ने कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों को नियंत्रित रखा, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद अचानक कीमतें बढ़ा दी गईं। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार आम जनता की परेशानियों को लेकर गंभीर नहीं है।
उल्लेखनीय है कि इसी महीने पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और औद्योगिक सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। 17 मई को दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमत में एक रुपये प्रति किलो की वृद्धि की गई, जिसके बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत 79.09 रुपये से बढ़कर 80.09 रुपये प्रति किलो हो गई।
इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया। वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी 2.8 से 3.3 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इसके अलावा 1 मई को 19 किलो वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी भारी बढ़ोतरी की गई थी। दिल्ली में इसकी कीमत 2,078.50 रुपये से बढ़ाकर 3,071.50 रुपये प्रति सिलेंडर कर दी गई।