रायपुर। 28
फरवरी 2026 को पश्चिम एशिया संकट प्रारंभ होने के उपरांत राज्य शासन
द्वारा प्रदेश की ईंधन संबंधी आवश्यकताओं की सुगम आपूर्ति हेतु पेट्रोलियम एवं
प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत
सरकार के नियमित संपर्क में हैं। भारत सरकार द्वारा एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल की राज्यों में
उपलब्धता, नियमित आपूर्ति
की साप्ताहिक समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है। भारत सरकार द्वारा जानकारी दी
गई है कि देश में एलपीजी, पेट्रोल
एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आम उपभोक्ताओं में इसे लेकर कोई भ्रम
अथवा अफवाह की स्थिति नहीं होनी चाहिए।
प्रदेश में 63.59 लाख घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं तथा इन्हें वितरित करने हेतु
माह मार्च 2026 में एवं
वर्तमान माह अप्रैल 2026 में घरेलू
एलपीजी की मांग अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। माह मार्च 2026 में 35,000 टन घरेलू एलपीजी
की आवश्यकता के विरूद्ध 35,073 टन (100%) एवं वर्तमान माह अप्रैल में 19
अप्रैल तक 20,619 टन घरेलू एलपीजी राज्य को प्राप्त हुई है तथा राज्य के सभी 4 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में एलपीजी का
पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
माह मार्च 2026 के दूसरे सप्ताह में भ्रम एवं अफवाह के कारण औसत दैनिक बुकिंग
संख्या 74,000 से बढ़कर 1,30,000 तक हो गई थी, जो वर्तमान में घटकर औसतन 64,000 हो गई है। इससे
स्पष्ट है कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी की मांग अनुसार आपूर्ति होने से असामान्य
बुकिंग में कमी आई है तथा वर्तमान माह अप्रैल 2026 में यह सामान्य स्तर पर आ गई है।
27- राज्य में
कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को वितरित करने हेतु पर्याप्त एलपीजी का स्टॉक उपलब्ध है।
अप्रैल 2026 में 1533 टन एलपीजी
कमर्शियल उपभोक्ताओं हेतु आबंटित की गई है, जिसके विरूद्ध 1745 टन अर्थात 116 प्रतिशत एलपीजी उपलब्ध है एवं 19
अप्रैल 2026 तक 885 टन
कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं को प्रदाय की जा चुकी है। प्रदेश में संचालित 2465 पेट्रोल / डीजल
पंप में तथा 3 ऑयल
कंपनियों के डिपो में पर्याप्त पेट्रोल / डीजल का स्टॉक उपलब्ध है।
माह मार्च 2026 में प्रदेश की
मासिक पेट्रोल आवश्यकता 1.01 लाख
किलोलीटर के विरूद्ध 1.27 लाख
किलोलीटर ( 126 ) एवं
अप्रैल 2026 में 19 अप्रैल 2026
तक 77,942 किलोलीटर पेट्रोल की राज्य को प्राप्ति हुई है। इसी प्रकार
मार्च 2026 में प्रदेश की
मासिक डीजल आवश्यकता 1.64 लाख
किलोलीटर के विरूद्ध 3.00 लाख
किलोलीटर (183% ) एवं
अप्रैल 2026 में 19 अप्रैल 2026
तक 1.17 लाख
किलोलीटर डीजल की राज्य को प्राप्ति हुई है। इससे स्पष्ट है कि राज्य में पेट्रोल
एवं डीजल की मांग अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
प्रदेश में एलपीजी एवं डीजल / पेट्रोल की जमाखोरी तथा
कालाबाजारी को रोकने के लिए सभी जिलों आकस्मिक जांच / छापे की कार्यवाही की जा रही
है तथा अब तक 419 मारे गये
छापों में 3946 सिलेण्डर
जब्त किये गये हैं तथा 105 व्यक्तियों
के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। राज्य स्तर तथा सभी जिलों में कंट्रोल रूम
स्थापित हैं तथा आम उपभोक्ता से शिकायत प्राप्ति हेतु विभागीय कॉल सेंटर ( 1800-233-3663) भी संचालित है।