OpenAI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ में बढ़त बनाने के लिए एक बड़ा दांव खेलने जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अगले तीन वर्षों में Cerebras Systems के चिप्स और सर्वर पर 20 अरब डॉलर (लगभग ₹1.6 लाख करोड़) से अधिक खर्च करने की योजना बना रही है।
यह डील केवल कंप्यूटिंग क्षमता खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तहत OpenAI को Cerebras में हिस्सेदारी (equity stake) भी मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को ‘warrants’ मिलेंगे, जिससे उसका हिस्सा भविष्य में बढ़कर करीब 10% तक पहुंच सकता है।
इससे पहले भी जनवरी में OpenAI ने Cerebras से 750 मेगावाट कंप्यूटिंग क्षमता खरीदने का समझौता किया था, जिसकी कीमत 10 अरब डॉलर से अधिक थी। नया समझौता उससे लगभग दोगुना बड़ा बताया जा रहा है।
इस निवेश का मुख्य उद्देश्य AI सिस्टम्स के लिए बढ़ती कंप्यूटिंग जरूरतों को पूरा करना है, खासकर “inference” के लिए — यानी वह प्रक्रिया जिसमें AI मॉडल यूजर्स के सवालों के जवाब तैयार करते हैं।
डील के तहत OpenAI करीब 1 अरब डॉलर अतिरिक्त निवेश भी कर सकती है, जिसका उपयोग Cerebras के डेटा सेंटर विकसित करने में होगा।
Cerebras Systems, जो 2015 में स्थापित हुई थी, अपने उन्नत ‘wafer-scale engine’ चिप्स के लिए जानी जाती है और Nvidia जैसी बड़ी कंपनियों को चुनौती देती है।
यह साझेदारी Cerebras की IPO योजनाओं के लिए भी अहम मानी जा रही है। कंपनी इस साल दूसरी तिमाही में शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है और करीब 35 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर 3 अरब डॉलर जुटाने की योजना है।
कुल मिलाकर, यह डील दिखाती है कि AI सेक्टर में कंप्यूटिंग पावर की मांग तेजी से बढ़ रही है और बड़ी कंपनियां इस रेस में आगे रहने के लिए भारी निवेश कर रही हैं।