महाराष्ट्र की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के लिए एक बड़ा झटका देने वाली खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रभाव वाले क्षेत्र में कांग्रेस ने जीत दर्ज कर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। 41 घंटे तक चली मतगणना के बाद कांग्रेस उम्मीदवार ने भाजपा प्रत्याशी को 3,271 वोटों से पराजित कर दिया। इस चुनाव परिणाम को भाजपा के लिए स्थानीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय तक चली मतगणना के कारण मुकाबले को लेकर उत्सुकता बनी रही और अंतिम परिणाम सामने आने तक दोनों दलों के समर्थकों की निगाहें वोटों की गिनती पर टिकी रहीं।
इस मुकाबले में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने कुल 67,231 वोट हासिल किए, जबकि भाजपा के सुधाकर कोहले को 63,960 वोट मिले। इस तरह वंजारी ने 3,271 मतों के अंतर से जीत दर्ज करते हुए नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट अपने पास बरकरार रखी।
चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि मतगणना के शुरुआती दौर में भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले आगे चल रहे थे। दूसरे दौर की पहली वरीयता वाले मतों की गिनती के बाद कोहले ने कांग्रेस उम्मीदवार पर 4,294 वोटों की बढ़त बना ली थी। इससे भाजपा खेमे में जीत की उम्मीद मजबूत होती दिखाई दे रही थी। हालांकि, निर्धारित जीत का कोटा किसी भी उम्मीदवार को नहीं मिलने के कारण मतगणना दूसरी वरीयता के मतों और उम्मीदवारों के क्रमिक निष्कासन तक पहुंच गई। इसी प्रक्रिया में चुनाव का पूरा गणित बदल गया और अंततः अभिजीत वंजारी ने बाजी मार ली।भाजपा के लिए यह हार इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र है। दोनों नेताओं ने सुधाकर कोहले के समर्थन में प्रचार किया था। इसके बावजूद पार्टी अपने उम्मीदवार को जीत नहीं दिला सकी। नागपुर संभाग स्नातक सीट पर भाजपा की हार यह भी संकेत देती है कि स्थानीय चुनावों में बड़े नेताओं का प्रभाव अपने आप जीत की गारंटी नहीं बनता। हालांकि, केवल एक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे के आधार पर पूरे राज्य में राजनीतिक समर्थन का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
कांग्रेस के लिए यह जीत दोहरी राहत लेकर आई है। पार्टी ने न केवल अपनी मौजूदा सीट बचाई, बल्कि भाजपा के मजबूत माने जाने वाले क्षेत्र में भी अपनी राजनीतिक मौजूदगी कायम रखी। अभिजीत वंजारी ने पिछले चुनाव में भी भाजपा उम्मीदवार संदीप जोशी को हराया था और अब दूसरी बार इस सीट पर जीत दर्ज की है।