बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्रियों पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों के बीच मुकाबला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की कार्यकारी समिति के चुनाव में पद्मिनी कोल्हापुरे ने बेहद करीबी मुकाबले में जीत हासिल की। उन्होंने पूनम ढिल्लों को महज तीन वोटों के अंतर से पीछे छोड़ दिया। इस चुनाव में पद्मिनी को कुल 604 वोट मिले, जबकि पूनम ढिल्लों को 601 वोट प्राप्त हुए। दोनों अभिनेत्रियों के बीच इतने कम अंतर ने चुनाव के नतीजों को खास बना दिया है।
20 अक्टूबर 2026 को हुए इन चुनावों में फिल्म और टेलीविजन जगत से जुड़े कई कलाकारों ने हिस्सा लिया। पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों के अलावा अभिनेता राकेश बेदी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। उन्हें 575 वोट मिले। चुनाव में कुल 15 उम्मीदवार कार्यकारी समिति के लिए चुने गए। बड़ी संख्या में कलाकारों की भागीदारी ने संगठन के भीतर इन चुनावों के महत्व को उजागर किया।
CINTAA के ये चुनाव ऐसे समय में हुए, जब संगठन के कामकाज को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। इससे पहले कार्यकारी समिति के कई सदस्यों ने इस्तीफा देते हुए नेतृत्व पर एकतरफा फैसले लेने और पारदर्शिता की कमी जैसे आरोप लगाए थे। कुछ सदस्यों ने पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों पर पदों के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए थे। हालांकि, पूनम ढिल्लों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें आपत्तिजनक बताया था। इस पूरे विवाद के बीच नए चुनाव कराए गए, जिनके नतीजों पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।
पद्मिनी कोल्हापुरे की जीत का अंतर बेहद कम होने के कारण यह मुकाबला मनोरंजन जगत में सुर्खियां बटोर रहा है। तीन वोटों का अंतर बताता है कि संगठन के चुनाव में प्रत्येक मत कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, संगठन में पहले लगे आरोपों और चुनाव में धांधली के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में पद्मिनी की जीत और दोनों उम्मीदवारों को मिले वोटों की संख्या बताई गई है, लेकिन केवल कम अंतर के आधार पर चुनाव में धांधली साबित नहीं होती।
कुल मिलाकर, CINTAA चुनाव में पद्मिनी कोल्हापुरे की जीत और पूनम ढिल्लों के साथ उनकी करीबी टक्कर ने फिल्म इंडस्ट्री में नई चर्चा छेड़ दी है। अब देखना होगा कि नई कार्यकारी समिति संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों को दूर करने और कलाकारों के हितों को प्राथमिकता देने के लिए क्या कदम उठाती है।