क्रिकेट के मैदान पर कई बार ऐसे हैरान कर देने वाले नजारे देखने को मिलते हैं, जिन्हें देखकर दर्शक और खिलाड़ी भी सोच में पड़ जाते हैं। ऐसा ही एक सवाल अक्सर क्रिकेट प्रेमियों के मन में उठता है कि अगर गेंद सीधे स्टंप पर लग जाए, तो भी बल्लेबाज आउट क्यों नहीं होता? क्रिकेट के नियमों के अनुसार, हर उस गेंद पर बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जा सकता, जो स्टंप से टकराती है। कुछ विशेष परिस्थितियों में अंपायर गेंद को डेड बॉल घोषित कर सकता है और बल्लेबाज को आउट होने से बचा सकता है। हालांकि, इसका फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि गेंद किस परिस्थिति में फेंकी गई, खेल उस समय किस स्थिति में था और क्या गेंद वैध रूप से खेल में थी।
क्रिकेट के नियमों में डेड बॉल से संबंधित प्रावधान मौजूद हैं। उदाहरण के लिए, यदि गेंद खेलने से पहले ही अंपायर को किसी कारण से खेल रोकना पड़े या कोई ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हो जाए, जिसमें गेंद को खेल में जारी रखना उचित न हो, तो अंपायर डेड बॉल घोषित कर सकता है। इसी तरह, यदि गेंद बल्लेबाज के पास पहुंचने से पहले किसी बाहरी बाधा या अप्रत्याशित घटना से प्रभावित हो जाए, तो परिस्थितियों के अनुसार डेड बॉल का फैसला लिया जा सकता है। ऐसी स्थिति में गेंद से जुड़े सामान्य परिणाम लागू नहीं होते।
एक अन्य महत्वपूर्ण परिस्थिति तब होती है, जब गेंदबाज गेंद फेंकने के दौरान नियमों का उल्लंघन करता है। उदाहरण के लिए, यदि गेंद नो-बॉल घोषित की जाती है, तो बल्लेबाज को सामान्य परिस्थितियों में बोल्ड आउट नहीं दिया जा सकता। ऐसी स्थिति में गेंद स्टंप से टकराने के बावजूद बल्लेबाज नॉट आउट रह सकता है। हालांकि, नो-बॉल और डेड बॉल दो अलग-अलग फैसले हैं और इनके नियम भी अलग हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि हर बार स्टंप से टकराने के बावजूद बल्लेबाज के नॉट आउट रहने का कारण डेड बॉल नहीं होता।