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अमेरिकी प्रतिबंधों से क्यूबा को 8 अरब डॉलर से ज्यादा का रिकॉर्ड आर्थिक नुकसान

Posted on: 2026-09-08
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अमेरिकी प्रतिबंधों से क्यूबा को 8 अरब डॉलर से ज्यादा का रिकॉर्ड आर्थिक नुकसान

क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने कहा है कि अमेरिका के बढ़ाए गए व्यापार प्रतिबंधों के कारण मार्च 2025 से फरवरी 2026 के बीच क्यूबा को 8.083 अरब डॉलर का रिकॉर्ड आर्थिक नुकसान हुआ। यह नुकसान पिछले साल की तुलना में करीब 7 प्रतिशत अधिक है।

रोड्रिगेज ने अमेरिकी प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कहा कि इसका असर क्यूबा के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के लगभग हर हिस्से पर पड़ रहा है।

छह दशक से ज्यादा समय से अमेरिकी व्यापार प्रतिबंध

क्यूबा छह दशक से अधिक समय से अमेरिकी व्यापार प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। क्यूबा सरकार के अनुसार, मौजूदा कीमतों के आधार पर इन प्रतिबंधों से अब तक देश को 178.7 अरब डॉलर से अधिक का संचयी आर्थिक नुकसान हो चुका है। यह आंकड़ा पिछली अवधि की तुलना में 4.7 प्रतिशत अधिक है।

क्यूबा के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने प्रतिबंधों को और कड़ा किया है। कार्यकारी आदेशों के जरिए क्यूबा को ईंधन की आपूर्ति पर प्रभावी रूप से रोक लगाई गई है और उन कंपनियों पर प्रतिबंधों की चेतावनी दी गई है जो क्यूबा जाने वाले टैंकरों या शिपिंग लाइनों के साथ काम करती हैं।

इसका असर क्यूबा के ऊर्जा क्षेत्र पर पड़ा है और देश गंभीर बिजली संकट से जूझ रहा है।

रोड्रिगेज ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंध किसी सरकार को नहीं, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कई लोगों को लंबे समय तक दिन में केवल दो-तीन घंटे या उससे भी कम बिजली मिल रही है। उनके अनुसार, बिजली संकट ने परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी को भी प्रभावित किया है।

रोड्रिगेज ने कहा कि अगर 1 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आने वाला एक जहाज क्यूबा पहुंच जाए तो करीब दो सप्ताह तक बिजली कटौती को काफी कम किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिबंधों के कारण थर्मोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट के लिए जरूरी उपकरण और पुर्जे हासिल करना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा सोलर पार्क के लिए जरूरी सोलर पैनल और बैटरियां हासिल करने में भी परेशानी हो रही है।

बिजली संकट का असर क्यूबा की जल आपूर्ति पर भी पड़ा है। बिजली कटौती के कारण पानी के स्रोतों, पंपिंग स्टेशनों और पाइपलाइन पंपों का संचालन प्रभावित हुआ है।

ईंधन की कमी के कारण बिजली जनरेटर चलाना भी मुश्किल हो रहा है। इससे पानी की सप्लाई को सामान्य बनाए रखना चुनौती बन गया है।

रोड्रिगेज के मुताबिक, बिजली की कमी का असर अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी पड़ रहा है। इनमें नवजात बच्चों को जरूरी चिकित्सा सेवाएं देने वाले केंद्र भी शामिल हैं।

उन्होंने दावा किया कि कुछ मौकों पर सर्जनों को रिचार्जेबल लैंप या मोबाइल फोन की रोशनी में ऑपरेशन तक करना पड़ा है। ईंधन की कमी से एंबुलेंस सेवाएं और दवाओं तक पहुंच भी प्रभावित हुई है।

क्यूबा सरकार के आंकड़ों के अनुसार, देश में शिशु मृत्यु दर 2018 में प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 4 से बढ़कर 2025 में 9.9 हो गई। रोड्रिगेज ने इस बढ़ोतरी के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में संसाधनों की कमी और चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में आ रही मुश्किलों को जिम्मेदार बताया।

ईंधन की कमी ने परिवहन व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। इससे कर्मचारियों, छात्रों और शिक्षकों के लिए अपने कार्यस्थल और स्कूल-कॉलेज तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।

रोड्रिगेज ने कहा कि प्रतिबंधों के कारण क्यूबा के लोगों की जीवन गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है। उन्होंने इसे केवल ‘Collateral Damage’ कहे जाने को भी खारिज किया।

उनके अनुसार, यह एक ऐसी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राजनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए क्यूबा के लोगों पर दबाव डालना है।

क्यूबा के विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता देती रहेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार नेशनल असेंबली ऑफ पीपुल्स पावर द्वारा मंजूर आर्थिक और सामाजिक सुधारों को आगे बढ़ाना जारी रखेगी।

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