सरकार ने कहा कि देश में प्याज़ की कोई कमी
नहीं है। ग्राहकों को राहत देने के लिए सरकार ने अपने \'प्राइस स्टेबलाइज़ेशन बफ़र\' (कीमतों को स्थिर रखने
के लिए जमा किए गए स्टॉक) से 35 रुपये प्रति किलो की दर से
प्याज़ की खुदरा बिक्री शुरू की है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने यहां
कृषि भवन से प्याज़ वितरण अभियान की शुरुआत की। शुरुआत में, NCCF, NAFED और केंद्रीय भंडारों द्वारा चलाए जा रहे आउटलेट्स और मोबाइल वैन के ज़रिए
प्याज़ 35 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जाएगा।
मीडिया से बात करते हुए खरे ने कहा कि हर साल, जब भी कीमतें बढ़ती हैं, सरकार यह सुनिश्चित करने की
कोशिश करती है कि ग्राहकों को सब्सिडी वाली दरों पर प्याज़ मिले। उन्होंने कहा कि
सरकार प्याज़ की कीमतों में अचानक होने वाली बढ़ोतरी से ग्राहकों को बचाने के लिए
प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, \"देश भर में न तो प्याज़
के उत्पादन में कोई कमी है और न ही इसकी उपलब्धता में।\" खारे ने कहा कि इस
साल प्याज़ का निर्यात भी लगभग पिछले साल के स्तर पर ही है। उनके अनुसार, कीमतें नियंत्रण में रखने और ग्राहकों को राहत देने के लिए सरकार समय-समय
पर बाज़ार में दखल देती है।
IANS से बात करते हुए NCCF की मैनेजिंग
डायरेक्टर अनीस जोसेफ चंद्रा ने कहा कि कृषि भवन से अभियान शुरू होने के तुरंत बाद
संगठन ने अपने खुदरा केंद्रों पर प्याज़ बेचना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा,
\"ग्राहक NCCF आउटलेट्स, खासकर मेट्रो स्टेशनों के पास स्थित आउटलेट्स से 35
रुपये प्रति किलो की दर से प्याज़ खरीद सकते हैं।\" चंद्रा ने कहा कि आने वाले
दिनों में खुदरा नेटवर्क का और विस्तार किया जाएगा ताकि ज़्यादा से ज़्यादा
ग्राहकों तक सस्ती दरों पर प्याज़ पहुंच सके।