सुकमा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने की टीईटी की अनिवार्यता खत्म की मांग
Posted on:
2026-08-25
सुकमा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने की टीईटी की अनिवार्यता खत्म की मांग
सुकमा, 25 अगस्त । जिले के शिक्षक संवर्ग की लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान को लेकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों ने आज मंगलवार काे रैली निकालकर प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शासन से मांगों पर जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील की। मोर्चा ने खुद को प्रदेश में कार्यरत शिक्षक संगठनों का साझा मंच बताया, जो लंबे समय से शिक्षक हितों को लेकर आवाज उठा रहा है। मोर्चा ने 13 फरवरी 2026 के राजपत्र में प्रकाशित छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में एलबी संवर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन करने की मांग की। वहीं शिक्षक संवर्ग को शिक्षा विभाग की योजना के तहत ब्रिज कोर्स के माध्यम से बी.एड. प्रशिक्षण दिलाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
शिक्षकों ने सेवारत शिक्षक संवर्ग के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से रखी। मोर्चा ने ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट द्वारा टीईटी के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिए जाने का उल्लेख करते हुए पदोन्नति में टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की। शिक्षक एलबी संवर्ग की सेवा की गणना पंचायत संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से करने की मांग भी रखी गई। शिक्षकों ने पूर्व सेवा को जोड़कर पुरानी पेंशन समेत शिक्षा विभाग में लागू सभी लाभ देने की मांग की। इसके अलावा लंबित वेतन विसंगति दूर कर केंद्रीय वेतनमान संरचना के आधार पर वेतन निर्धारण करने की मांग की गई। शिक्षकों ने कहा कि इन मांगों का निराकरण होने से लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान होगा। रैली के दौरान शिक्षकों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और एसडीएम के माध्यम से शासन तक अपनी बात पहुंचाई।