भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक मंगलवार (11 अगस्त) सुबह 9:30 बजे संसद भवन के पुस्तकालय के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी। लोकसभा और राज्यसभा के सभी एनडीए सदस्यों के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।
पीएम मोदी ने शुक्रवार को दी थी सांसदों को सलाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने आवास पर एनडीए के करीब 41 लोकसभा सांसदों के साथ नाश्ते पर बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य, संसदीय आचरण, जनसेवा और व्यक्तिगत व आधिकारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया।
हर दिन योग करें, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तो जनता के लिए ज्यादा काम कर पाएंगे
प्रधानमंत्री मोदी ने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर बल देते हुए सांसदों से रोजाना योग करने की अपील की। उन्होंने कहा, “अगर आपका स्वास्थ्य अच्छा है, तो आप जनता के लिए अधिक काम कर पाएंगे। इसलिए हर दिन योग करें। यदि आप काम में बहुत व्यस्त हैं, तो कृपया आप जहां भी हों, योग करें। कुर्सी पर बैठकर भी कुछ मिनटों के लिए योग किया जा सकता है, जिससे आपका शरीर और मन संतुलित और स्वस्थ रहेगा।”
संसद विश्वविद्यालय की तरह, इतिहास का अध्ययन करें
पीएम मोदी ने संसद को विश्वविद्यालय की तरह बताते हुए नए सांसदों को संसदीय इतिहास का अध्ययन करने और संसद पुस्तकालय का पूरा उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “संसद एक विश्वविद्यालय की तरह है। मैं आपको इसका अध्ययन करने और संसद के इतिहास की गहरी समझ हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।”
उन्होंने सांसदों को राज्य या अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर सीधे उनसे संपर्क करने का भी आमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एनडीए एक परिवार की तरह काम करता है और जन-कल्याण इसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सदन का तनाव बाहर न ले जाएं, मीडिया से गरिमा बनाए रखें
इसके साथ ही पीएम मोदी ने सदस्यों को सलाह दी कि वे संसद का तनाव सदन के बाहर न ले जाएं। बिना गुस्से या चिल्लाए शांति से अपनी बात रखें और सत्ता पक्ष व विपक्ष के सहयोगियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें। कई जिम्मेदारियों को संभालने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैं वर्तमान में जीता हूं। अभी मैं आप सभी से बात कर रहा हूं, इसलिए मैं केवल यहीं हूं। इस समय मैं किसी और चीज के बारे में नहीं सोच रहा हूं।”
उन्होंने सांसदों को मीडिया से बातचीत करते समय गरिमा बनाए रखने की भी नसीहत दी और कहा कि टेलीविजन पर अनुचित टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “गुस्से में बोलने या चिल्लाने की कोई आवश्यकता नहीं है। आप सभी पार्टी की नीति जानते हैं, और आपको हर मुद्दे पर शांति से अपनी बात रखनी चाहिए।”