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गुजरात में रेजिडेंट डॉक्टर की आत्महत्या मामले में रैगिंग का खुलासा, 4 सीनियर डॉक्टर छह माह के लिए निलंबित

Posted on: 2026-08-10
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गुजरात में रेजिडेंट डॉक्टर की आत्महत्या मामले में रैगिंग का खुलासा, 4 सीनियर डॉक्टर छह माह के लिए निलंबित


सूरत, 10 अगस्त। गुजरात के सूरत की नई सिविल अस्पताल में 29 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. हर्ष पंड्या की आत्महत्या के मामले में जांच के दौरान रैगिंग का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में समिति की रिपोर्ट के आधार पर चार सीनियर

डाक्टरों को निलंबित कर दिया गया है।

इन निलंबित डॉक्टरों को अस्पताल और पीजी हॉस्टल परिसर में प्रवेश के साथ-साथ सभी प्रकार की शिक्षण एवं शैक्षणिक गतिविधियों से भी छह माह के लिए दूर रखा गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

मूल रूप से अरवल्ली जिले के मोडासा निवासी डॉ. हर्ष सुभाषचंद्र पंड्या सूरत सरकारी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में प्रथम वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर थे। वह नई सिविल अस्पताल परिसर स्थित बॉयज पीजी हॉस्टल में रह रहे थे। बीती 9 अगस्त की सुबह डॉ. हर्ष ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। एक सीनियर डॉक्टर ने उन्हें फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। इसके बाद साथी रेजिडेंट डॉक्टर को उनके हॉस्टल स्थित कमरे पर भेजा गया। दरवाजा अंदर से बंद था। काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुलने पर सुरक्षा कर्मचारियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। अंदर डॉ. हर्ष फंदे से लटके मिले।

घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और खटोदरा पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने नई सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और मेडिकल कॉलेज के डीन की अध्यक्षता में जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए।

डॉ. हर्ष के पिता सुभाषचंद्र पंड्या ने बताया कि उनका बेटा सीनियरों से होने वाली परेशानी का कभी-कभी जिक्र करता था, हालांकि वह यह भी कहता था कि कोई बड़ी समस्या नहीं है। बताया गया है कि डॉ. हर्ष ने इसी वर्ष फरवरी में माइक्रोबायोलॉजी विभाग में प्रवेश लिया था। उनकी सगाई हो चुकी थी और दिसंबर में शादी प्रस्तावित थी। घटना से परिवार में शोक का माहौल है।

पुलिस ने डॉ. हर्ष का मोबाइल फोन और लैपटॉप कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एफएसएल टीम द्वारा हॉस्टल के कमरे से संभावित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस रैगिंग, मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के बीच संभावित संबंध समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

इस संबंध में सिविल अस्पताल के डीन डॉ. जयेश ब्रह्मभट्ट ने बताया की मेडिकल सुपरिटेंडेंट की संयुक्त अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति के समक्ष प्रथम वर्ष के 9 रेजिडेंट डॉक्टरों और उनके परिवारजनों के बयान दर्ज किए गए। गत रात 8:30 बजे से सुबह 4:00 बजे तक चली इस मैराथन बैठक में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के सीनियर रेजिडेंट, फैकल्टी, टेक्नीशियन तथा सफाईकर्मियों के बयान दर्ज किए गए।

डीन डॉ. ब्रह्मभट्ट ने बताया कि इसके बाद एंटी-रैगिंग स्क्वॉड ने अपनी रिपोर्ट एंटी-रैगिंग कमेटी को सौंप दी।

समिति की रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनहीनता और गंभीर लापरवाही के चलते चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों

डॉ. निराली वसावे, डॉ. अनुज माहेश्वरी, डॉ. दीक्षिता घेवरिया व डॉ. हिना भूत

को 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उन्हें तत्काल हॉस्टल खाली करने तथा किसी भी शैक्षणिक गतिविधि में भाग नहीं लेने का आदेश दिया गया है।

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