गरियाबंद राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गरियाबंद जिले की महिलाओं का स्वावलंबन की ओर बढ़ता कदम प्रेरणादायी बन रहा है। जिला मुख्यायल गरियाबंद के समीपस्थ ग्राम सढ़ौली के गायत्री स्व सहायता समूह अपनी मेहनत और हुनर के दम पर राखी निर्माण के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर रहा है। इस समूह में 11 सदस्य है। समूह की महिलाएं इस वर्ष अब तक 50 दर्जन से अधिक राखियां तैयार कर चुकी हैं, जबकि राखी निर्माण का कार्य लगातार कर रहे है। समूह की महिलाएं खेती और घरेलू कार्यों की जिम्मेदारियां निभाने के बाद प्रतिदिन लगभग एक घंटे का समय निकालकर आकर्षक एवं कलात्मक राखियां तैयार करती हैं।
समूह की अध्यक्ष श्रीमती भोजेश्वरी ध्रुव ने बताया कि पिछले वर्ष उनके समूह द्वारा 35 दर्जन राखियों का निर्माण किया था। इसके लिए धागा, मोती, फैंसी सामग्री एवं अन्य आवश्यक सामान की खरीदी पर लगभग 3 हजार 500 रुपये की लागत आई थी। जबकि तैयार राखियों की बिक्री से करीब 7 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। इस तरह समूह ने लागत का लगभग दोगुना लाभ अर्जित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। पिछले वर्ष मिली सफलता से उत्साहित समूह ने इस बार लगभग 10 हजार रुपये की लागत से कच्चा माल खरीदा है। समूह की महिलाओं ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि इस वर्ष भी पिछले वर्ष की अपेक्षा दोगुना लाभ मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।